कांग्रेस ने की एनटीए चेयरमैन को हटाने की मांग।
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NTA के महानिदेशक सुबोध सिंह को हटाने के बड़ा अब मामला चेयरमैन प्रोफेसर प्रदीप जोशी को लेकर बहुत गरम हो गया है। विपक्ष ने अब सुबोध सिंह पर कड़ी कारवाई की मांग करते हुए केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस के नेताओं ने बाकायदा प्रदीप जोशी के पहले कार्यकाल में हुईं धांधलियों का पूरा कच्चा-चिठ्ठा सामने रखना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि मध्यप्रदेश में जोशी के कार्यकाल में कई भर्तियों के दौरान धांधली हुई थी। इसलिए जोशी को उनके पद से न सिर्फ़ हटाया जाए। बल्कि उनके पूर्व में कार्यकाल की सभी भर्तियों की जांच की जाए।
कांग्रेस ने NTA को लेकर अब केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा कि मध्यप्रदेश में बतौर एमपीपीएससी के चेयरमैन रहते हुए प्रदीप जोशी के कार्यकाल में बहुत सी गड़बड़ियां हुई थीं। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा की जब जोशी मध्यप्रदेश में 2006 से 2011 तक चेयरमैन थे, तो 385 प्रोफेसरों की नियुक्तियां हुई थीं। इस दौरान आरोप लगाए गए थे कि अपने जानने वालों की भर्तियों के लिए कई नियमों को अनदेखा किया था। जयराम रमेश कहते हैं कि इस मामले की जांच हुई तो यह सच पाया गया। वह कहते हैं कि इतने बड़े भ्रष्टाचार के बाद भी प्रदीप जोशी को लगातार बड़ी-बड़ी ज़िम्मेदारियां दी जाती रहीं। वह कहते हैं कि इस मामले में अब जोशी के कार्यकाल में हुईं सभी भर्तियों की जांच की जानी चाहिए।
कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह NTA चेयरमैन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहते हैं कि जोशी का सीधा नाता भाजपा और संघ से है। सिंह ने जोशी के पिछले 18 बरसों के कार्यकाल में हुई सभी नियुक्तियों, भर्तियों और परीक्षाओं की जांच की मांग की है। वह कहते हैं कि जांच इस बात की भी होनी चाहिए कि अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने परीक्षा के पेपर सेट करने से लेकर इंटरव्यू के लिए किन विशेषज्ञों को बुलाया था। इसके अलाव यह भी जांचा जाना चाइए कि पैनल के लोगों का क्या कोई किसी राजनीतिक दल से नाता रहा है या नहीं। पूर्व मुख्यमंत्री कहते हैं कि ऐसा करने से इस पूरे नेट्वर्क की पोल खुल जाएगी।
कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा कहते हैं कि प्रदीप जोशी की भूमिका पर बड़ा सवालिया निशान है। वावजूद इसके NTA के चेयरमैन लगातार अपने पद पर बने हुए हैं, और लगातार नियुक्तियां किए जा रहे हैं। खेड़ा कहते हैं कि जोशी ने महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी वर्धा के उपकुलपति के लिए पिछले सप्ताह इंटरव्यू लिया। जबकि सोमवार को शिमला के IIAS के निदेशक पद के लिए इंटरव्यू लेंगे। पवन खेड़ा कहते हैं कि जिस एजेंसी की ओर से ली जाने वाली परीक्षाओं के पर्चे लीक हो रहे हैं। परीक्षाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। उसके चेयरमैन के ऊपर पहले के कार्यकालों में हुई भर्तियों में धांधली के आरोप हैं। उन्हें तो तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाना चाहिए। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।