पंजाब में कैप्टन अमरिंदर के ताकतवर नेतृत्व को बदलने के फैसले को लेकर किए गए अमर उजाला पोल के नतीजे कांग्रेस के लिए चौंकाने वाले हैं। पोल में शामिल हुए प्रतिभागियों में से 77.28 फीसदी की राय है कि नेतृत्व परिवर्तन से कांग्रेस की स्थिति बिगड़ सकती है, जबकि 22.72 फीसदी की राय है कि कांग्रेस की स्थिति नहीं बिगड़ेगी। पोल में पूछा गया था- कैप्टन अमरिंदर के इस्तीफे देने के बाद क्या पंजाब में भी कांग्रेस की स्थिति बिगड़ सकती है?
इस बार मुश्किल बड़ी है
पंजाब में छह माह बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसके नतीजों के बारे में पूर्वानुमान लगाना तो जल्दबाजी होगी, लेकिन इस बार राज्य में मुकाबला व मुश्किल बड़ी है। यह इसलिए क्योंकि जहां कांग्रेस को फिर सत्ता प्राप्ति के लिए संघर्ष करना है, वहीं मुख्य विपक्ष शिरोमणि अकाली दल ने किसान आंदोलन के दम पर अपनी जमीन मजबूत करने के साथ बसपा से भी हाथ मिला लिया है। दूसरी प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा हिंदुत्व व केंद्र सरकार के कामों के दम पर अकेले किला लड़ाने के पक्ष में है। यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐसा कोई फैसला किया, जिससे कांग्रेस को चोट पहुंचे तो सत्ता में वापसी आसान नहीं होगी।
बता दें, शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद रविवार को कांग्रेस ने राज्य के दलित नेता व पूर्व मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को नया सीएम चुना है। वह सोमवार को सीएम पद की शपथ लेंगे। बसपा-अकाली दल गठजोड़ को कमजोर करने के लिए कांग्रेस ने दलित सीएम का दांव खेला है।
पंजाब के पहले दलित सीएम होंगे चन्नी
58 वर्षीय चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले वह कैप्टन मंत्रिमंडल में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे। वह चमकौर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार से विधायक हैं। चन्नी 2015 से 2016 तक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं। मार्च 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।