सूत्रों के मुताबिक, अग्नि प्राइम में अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग के कारण यह पिछले संस्करण की तुलना में कम वजन वाली स्लीक मिसाइल शक्ति है। इससे इसकी मारक क्षमता पहले तुलना में अधिक घातक होगी। हालांकि, सूत्र ने ज्यादा जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।
1989 में हुआ था अग्नि-1 का परीक्षण
भारत ने मई, 1989 में पहली बार मध्यम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का टेस्ट किया था। उस वक्त इसकी मारक क्षमता 700 से 900 किलोमीटर थी। वर्ष 2004 में सेना में शामिल किया गया था। यदि अग्नि प्राइम का टेस्ट सफल रहता है तो यह अग्नि-1 की जगह ले लेगी। भारत अब तक अग्नि सीरीज की पांच मिसाइल विकसित कर चुका है।