देश के कई राज्यों में जारी बाढ़ के कहर से निपटने के लिए केंद्र सरकार 87 बिलियन डॉलर की लागत से नदियों को आपस में जोड़ने का प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट का मकसद देश को सूखे और बाढ़ से मुक्ति दिलाना है।
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक प्रोजेक्ट पर इसी महीने से काम शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि एनडीए-1 कार्यकाल में देश की नदियों को आपस में जोड़े जाने की योजना की नींव रखी गई थी। इसके लिए एक टीम बनाई थी जिनका काम देश की करीब 60 नदियों को आपस में जोड़ने की योजना पर काम करना था।
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खबर के मुताबिक योजना के पहले चरण की शुरुआत के लिए केंद्र सरकार मंजूरी दे चुकी है। बताते चलें कि इस प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी के साथ देश की अन्य 60 नदियों की लिंकिंग की जाएगी। इसके तहत पहले चरण में 22 किमी लंबी नहर के जरिए केन नदी को बेतवा नदी से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा गंगा, गोदावरी और महानदी को दूसरी नदियों से जोड़ा जाएगा।
गौरतलब है कि देश में हर साल बाढ़ और सूखे के चलते भारी नुकसान होता है। इस योजना से सरकार को उम्मीद है कि देश को सूखे और बाढ़ से निपटने में मदद मिल सकेगी, साथ ही नदियों को आपस में जोड़ने से लाखों मेगावॉट बिजली भी पैदा की जा सकेगी।