त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस युवा मोर्चा के नेताओं पर कथित हमले के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी आज त्रिपुरा दौरे पर हैं। इस दौरान अगरतला पहुंचते ही उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीएमसी सांसद का विरोध करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए और गो बैक के नारे लगाए।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक सभी घायल कार्यकर्ताओं और समर्थकों को तत्काल आधार पर कोलकाता वापस ले जाएंगे। त्रिपुरा में उन पर हुए हमले के बाद उन्हें चोटें आई हैं और उन्हें चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता है।
तृणमूल के 12 नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार
इस बीच, राज्य के खोवई जिले में तृणमूल के 14 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें बीते दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित हमलों में घायल कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
पार्टी की त्रिपुरा इकाई के प्रवक्ता आशीष लाल सिंह ने कहा कि टीएमसी
कार्यकर्ताओं को खोवाई में सीजेएम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत दे दी गई।
इससे पहले त्रिपुरा रवाना होने से पहले अभिषेक ने वहां के मुख्यमंत्री बिप्लब देब को खुले तौर पर चैलेंज करते हुए कहा कि मैं त्रिपुरा आ रहा हूं, रोक सको तो रोक लो। शनिवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर टीएमसी के नेताओं पर हमला करने का आरोप है। हालांकि, भाजपा ने टीएमसी की ओर से लगाए आरोप को बेबुनियाद बताया है।
पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा हिंसा की राजनीति नहीं करती है। टीएमसी के नेता इस तरह की राजनीति में विश्वास रखते हैं। दरअसल, अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, "कल मैं त्रिपुरा आ रहा हूं हर उस तृणमूल कार्यकर्ता के साथ खड़े होने के लिए, जिन पर त्रिपुरा भाजपा के गुंडों ने बेरहमी से हमला किया था। यह मेरा वादा है कि मैं अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ाई जारी रखूंगा। अगर आप रोक सकें तो रोकें।
टीएमसी नेताओं पर हमला करने का आरोप
पिछले दिनों टीएमसी के तीन युवा नेताओं, देबांग्शु भट्टाचार्य, सुदीप राहा और जया दत्ता पार्टी के काम से त्रिपुरा गए थे। इस दौरान रास्ते में रोककर इन लोगों पर हमला किया गया। युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी कारों को अंबासा रोड पर रोका गया और हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगरतला के बाद धर्मनगर में गोलियां चलाई गईं और एक टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।पिछले दिनों अभिषेक बनर्जी को भी काले झंडे दिखाए गए थे। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ने उनकी कार पर डंडे से हमला किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।