आयकर विभाग ने सिंथेटिक धागा व पॉलिस्टर चिप बनाने वाले समूह की फैक्टिरयों में छापे मारकर करीब 380 करोड़ रुपये का काला धान पकड़ा है।
सीबीडीटी ने बृहस्पतिवार को बताया कि ये छापे दादर व नागर हवेली और गुजरात के दाहेज स्थित फैक्टिरयों में बुधवार को मारे गए थे और तलाशी अभियान बृहस्पतिवार शाम तक चल रहा था।
सीबीडीटी अधिकारियों के मुताबिक, छापे में सामने आया कि समूह पिछले कई साल से कागजों पर मौजूद कंपनियों के जरिये फर्जी असुरक्षित कर्ज अपने बहीखातों में दिखाकर अपने ही काले धन को सफेद कर रहा था। यह बेनामी फंड करीब 380 करोड़ रुपये आंका गया है।
इसके अलावा भी बहीखातों में 40 करोड़ रुपये की एक रकम को मुखौटा कंपनियों के जरिये शेयर प्रीमियम के तौर पर दिखाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन मुखौटा कंपनियों के निदेशकों और ऑडिटरों ने अपने बयान में यह बात मानी है कि उनका काम अनिवार्य रूप से खातों में फर्जी प्रविष्टि दिखाने के लिए ही होता था।
अधिकारियों का कहना है कि नकद खरीद के पर्याप्त सबूत और ‘अंगड़िया’ के माध्यम से नकदी की आवाजाही का खुलासा करने वाले दस्तावेज बरामद किए गए हैं और 154 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद के सबूत भी मिले हैं। छापे में डिजिटल सबूत, खुले बहीखाते और अपराध से जुड़े अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा 11 बैंक लॉकर और बहुत सारे बेनामी आभूषण भी बरामद किए गए हैं।