जम्मू-कश्मीर में इस साल 21 जुलाई तक 11 आतंकी घटनाएं
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गृह मंत्रालय ने लोकसभा को बताया कि इस साल 21 जुलाई तक 11 आतंकी घटनाओं और 24 मुठभेड़ों में नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 28 लोग मारे गए। भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रदीप कुमार सिंह के प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित उत्तर में बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में जम्मू और कश्मीर में आतंकी घटनाओं की संख्या में कमी आई है।
21 जुलाई तक 11 आतंकी घटनाएं- गृह मंत्रालय
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष 21 जुलाई तक कुल 14 सुरक्षाकर्मी और 14 नागरिक मारे गए, जबकि 2023 में केंद्र शासित प्रदेश में 46 आतंकवादी घटनाओं और 48 मुठभेड़ों या आतंकवाद विरोधी अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या 44 (30 सुरक्षाकर्मी और 14 नागरिक) थी। आंकड़ों के अनुसार, 2018 में तत्कालीन राज्य में 228 आतंकवादी घटनाओं और 189 मुठभेड़ों या आतंकवाद विरोधी अभियानों में 146 लोग (91 सुरक्षाकर्मी और 55 नागरिक) मारे गए थे।
'आतंकी घटनाओं में कमी जीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा'
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जम्मू-कश्मीर सरकार से प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, 2018 में 1328 संगठित पथराव की घटनाएं और 52 संगठित हड़तालें हुईं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में कमी केंद्र सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा है।
आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करना लक्ष्य- नित्यानंद राय
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, सरकार का दृष्टिकोण आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करना है। जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जा रहा है। राज्य मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए अपनाई गई रणनीतियों और की गई कार्रवाइयों में आतंकवादियों और उनके समर्थन संरचनाओं के खिलाफ प्रभावी, निरंतर और सतत कार्रवाई के साथ-साथ पूरे सरकारी दृष्टिकोण का उपयोग करके आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करना शामिल है। कानून की संबंधित धाराओं के तहत आतंकियों और उनके सहयोगियों की संपत्तियों को जब्त करना और कुर्क करना और राष्ट्र विरोधी संगठनों पर प्रतिबंध लगाना।