राजीव गांधी की हत्या और पीवी नरसिंहराव का पीएम बनना
21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की वोटिंग के पहले दौर के ठीक एक दिन बाद हत्या कर दी गई। एलटीटीआई ने तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान राजीव गांधी की हत्या की गई। इसके बाद जून के मध्य तक चुनाव को स्थगित कर दिया गया। पंजाब में लोकसभा चुनाव बाद में कराए गए। जबकि जम्मू-कश्मीर में आम चुनाव हुए ही नहीं। उस वक्त मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन थे जो बेहद कड़क हुआ करते थे। 15 दिन चुनाव टालने के बाद 12 जून और 15 जून को दूसरे और तीसरे चरण का मतदान हुआ।
57 फीसदी वोट पड़े। कांग्रेस को सबसे ज्यादा 232 सीटें मिलीं। भारतीय जनता पार्टी 120 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। जनता दल को सिर्फ 59 सीटें मिलीं। 21 जून 1991 को कांग्रेस के पी.वी. नरसिंहराव ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
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9 राष्ट्रीय और 136 क्षेत्रीय पार्टियों ने लड़ा 1991 चुनाव
राम मंदिर मुद्दे की वजह से 1991 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सीटें बढ़ीं। भाजपा ने 120 सीटें जीतीं। यूपी में 51 सीटें जीतीं और गुजरात में पार्टी के खाते में 20 सीटें आई। इस चुनाव में 9 राष्ट्रीय और 136 क्षेत्रीय पार्टियों ने भाग लिया। कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र में काफी अच्छा प्रदर्शन किया।
1991 का लोकसभा चुनाव
कुल सीटें- 543
कांग्रेस- 232 सीटें
भाजपा- 120 सीटें
जनता दल- 59 सीटें
सीपीएम- 35 सीटें
सीपीआई- 14 सीटें
तेलगु देशम पार्टी- 13 सीटें
एआईएडीएमके- 11 सीटें
जनता पार्टी- 5 सीटें