हिमाचल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सेवाकाल के दौरान मृत्यु पर उनके परिवार को अनुकंपा आधार पर मिलने वाली नौकरी की नीति में दो बडे़ संशोधन किए हैं।
पहला यह कि एक लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख की आय सीमा पुराने आवेदकों पर लागू नहीं होगी। दूसरा यह कि क्लास फोर कर्मचारी की मौत पर उसके बच्चे क्लास फोर स्तर की नौकरी के लिए ही पात्र होंगे, बेशक शैक्षणिक योग्यता इससे ज्यादा रखते हों। नीति सभी 1.90 लाख सरकारी कर्मियों के लिए है।
सरकार ने 1990 में जारी अधिसूचना के पैरा 10(बी) में बदलाव कर व्यवस्था की है कि क्लास फोर कर्मचारियों के बच्चे करुणामूलक भर्ती के लिए क्लास फोर पदों पर ही पात्र होंगे, बेशक उनकी शैक्षणिक योग्यता इससे ज्यादा हो।
यह भी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए बड़ा झटका है। सरकार ने रूल्स आफ बिजनेस में बदलाव कर अनुकंपा भर्ती नीति का काम वित्त विभाग को दिया था। इसके बाद प्रधान सचिव (वित्त) ने ये निर्देश सभी विभागाध्यक्षों को भेजे हैं।
नौकरी का इंतजार कर रहे हजारों आवेदकों की मांग पर सरकार ने 20 अगस्त 2013 को आय सीमा बढ़ाई थी। इसे सालाना एक लाख से 1.25 लाख और प्रति सदस्य 25000 से 31250 रुपये किया गया।
अब पिछले हफ्ते निर्देश जारी हुए हैं कि बढ़ी हुई आय सीमा पिछली तारीख से लागू नहीं हो सकती। यानी अब 20 अगस्त 2013 के बाद के आवेदनों पर ही यह लागू होगी।
ढाई हजार केस लंबित
सरकारी महकमों में इस समय करीब ढाई हजार ऐसे केस लंबित पडे़ हैं। मानसून सत्र में मुख्यमंत्री ने इसी साल 1041 लंबित आवेदनों पर फैसला लेने का ऐलान किया था।
इनमें से करीब 450 को ही पुरानी आय सीमा में नौकरी मिली बाकी रिजेक्ट हो गए। वित्त विभाग को सरकार ने 136 और लोगों को अनुकंपा आधार पर नौकरी देने की अनुमति दे दी है। इनमें से 71 क्लास थ्री और 65 क्लास फोर में हैं। इनकी फाइल वापस संबंधित विभागों को भेजी जा रही है। नियुक्ति आदेश संबंधित विभागाध्यक्ष करेंगे।