मैहतपुर (ऊना)। मौत कब किसको कहां ले जाए यह कोई नहीं जानता। कुछ ऐसा ही खेल मौत ने देहलां के 25 वर्षीय युवक बलराम उर्फ सन्नी के साथ खेला है। मंगलवार शाम को पिछले कई दिन से लापता बलराम का शव किन्नौर में हुए भयानक भूस्खलन के मलबे से बरामद हुआ। उसके शव को लेकर दोनों दोस्त वरुण मेनन और प्रशांत घर पहुंचे तो पूरा देहलां गांव सदमे में आ गया। दोनों दोस्त हादसे के बाद से लगातार बलराम की तलाश में दिन-रात जुटे रहे।
बुधवार को मृतक युवक का शव देहलां लाया गया और विभोर साहब में अंतिम संस्कार कर दिया गया। किन्नौर जिला की निगुलसेरी में नेशनल हाइवे पर हुए भयानक भूस्खलन में जिले के देहलां गांव के दो युवक घायल और तीसरा लापता हो गया था। तीनों युवक नौ अगस्त दोपहर को बलराम का जन्मदिवस मनाने के लिए शिमला गए थे।
शिमला से तीनों आगे किन्नौर की तरफ घूमने चले गए। 11 अगस्त को किन्नौर के निकट निगुलसेरी में नेशनल हाईवे पर भूस्खलन होने से बस पर पहाड़ी गिर गई। इससे जाम लग गया। इसे देखने के लिए वरुण, प्रशांत और बलराम उर्फ सन्नी तीनों अपनी गाड़ी से उतर कर जाम लगने की वजह का पता लगाने बस की ओर गए। वरुण और प्रशांत तुरंत वापस लौट आए, लेकिन सन्नी इन दोनों से कुछ आगे निकल गया। इतने में पहाड़ी दरकने के साथ आए भारी मलबे में दब गया।
मृतक बलराम मोहाली में नौकरी करता था। उसके पिता मैहतपुर में ही प्राइवेट नौकरी करते हैं। दो बहनों के इकलौते भाई सन्नी रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले ही अपनी बहनों से इस कद्र नाता तोड़ लेगा इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं थी। अंतिम संस्कार में मुंडा सदर से कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतपाल सिंह, शिवसेना के प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ जिला संयोजक राजीव मैनन समेत अनेक लोगों ने नम आंखों से युवक को अंतिम विदाई दी।