संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में उपचार के दौरान मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए भारी दिक्कतों का सामना पड़ रहा है। अस्पताल में अस्थायी रूप से चल रही क्रस्ना लैब में साधारण टेस्ट की रिपोर्ट तीन से चार दिन बाद मिल रही है। दूसरी तरफ सरकारी लैब में केवल तीन घंटे के लिए ही टेस्ट किए जाते हैं। इससे मरीजों को मजबूरन अस्पताल के बाहर महंगे दामों पर निजी लैब में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल की सरकारी लैब में केवल सुबह 9:00 से 12:00 बजे तक मरीजों के टेस्ट हो पा रहे हैं। इससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ अस्पताल में स्थित क्रस्ना लैब में टेस्ट करवाने के बाद रिपोर्ट के लिए तीन से चार दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकारी लैब के बाहर रोजाना मरीजों को लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन 12:00 बजे के बाद टेस्ट न होने के कारण मरीज महंगे दाम पर निजी लैब में टेस्ट करवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
मरीज अपना समय बचाने के लिए निजी लैब में ही अधिक रुपये खर्च कर टेस्ट करवा रहे हैं। बता दें कि क्रस्ना लैब को अस्थायी रूप से शुरू हुए करीब एक माह से अधिक का समय हो गया है। वहीं, क्षेत्रीय अस्पताल में स्थित सरकारी लैब में टेस्ट करवाने के लिए रोजाना मरीजों की कतार लग रही हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। सरकारी लैब में तैनात कर्मचारी दोपहर 12:00 बजे के बाद रिपोर्ट तैयार करने का हवाला देकर मरीजों के टेस्ट करने से इनकार कर रहे हैं।
मरीजों में साहिल कुमार, नेहा शर्मा, सुखदर्शन, सरिता देवी आदि का कहना है कि जब तक क्रस्ना लैब पूरी तरह से शुरू नहीं हो जाती तब तक सरकारी लैब में दोपहर 12:00 बजे के बाद भी टेस्ट करने की सुविधा होनी चाहिए। इससे मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए बाहरी क्षेत्रों में नहीं भटकना पड़ेगा।
इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि निजी लैब प्रबंधन को जल्द से जल्द लैब को पूरी तरह से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी लैब में इन दिनों टेस्ट का बोझ बढ़ गया है।