संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में स्कूली खेलों के आयोजन को लेकर अहम बदलाव किए गए हैं। इसके तहत अब लड़कियों की प्रतियोगिताओं में अध्यापिकाओं का होना अनिवार्य होगा। स्कूली खेलों की विजेता टीमों को अब पुरानी ट्रॉफी नहीं, बल्कि हर साल नई ट्रॉफियां देकर सम्मानित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार जिले में स्कूली खेलों के आयोजन में सुधार लाने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोह में जिला प्रारंभिक पाठशाला क्रीड़ा संघ की बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि प्रतियोगिताओं में आने वाले बच्चों को आने-जाने का किराया दिया जाएगा। इसके साथ ही लड़कियों की प्रतियोगिताओं में उनके साथ संबंधित स्कूल की अध्यापिकाओं का होना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, खेल प्रतियोगिता में विजेता टीमों में हर साल नई ट्रॉफी दी जाएगी, जबकि पहले पुरानी ट्रॉफी पिछली विजेता टीम से दूसरी टीम को दी जाती थी।
नौवीं और दसवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों की खेल प्रतियोगिता का खाने का खर्च भी उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय उठाएगा। वहीं, प्रतियोगिताओं के आयोजन का खर्च शिक्षा निदेशालय के जिम्मे दिया गया है। बता दें कि ऊना में जोनल स्तर की स्कूल प्रतियोगिताएं 12 से 18 अगस्त तक आयोजित की जाएंगी। जिला स्तरीय खेलों का आयोजन 21 अगस्त से लेकर 8 सितंबर तक किया जाएगा। इस खेलों में पहले के मुकाबले सुधार लाने के लिए क्रीड़ा संघ ने अभी से कमर कस ली है।
जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने बताया कि स्कूली खेलों में इस बार व्यवस्थाओं को पहले से बेहतर करने के लिए कार्य शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं मिलेंगी तो वे प्रदर्शन में बेहतर कर पाएंगे।