संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित सोमभद्रा ब्रांड के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य कंपनियों को टक्कर देंगे। इनकी बेहतर पैकेजिंग और गुणवत्ता की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उपायुक्त राघव शर्मा ने सोमभद्रा ब्रांड से जुड़े सभी स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को उच्च गुणवत्ता, साफ-सफाई और उचित पैकेजिंग का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को डीआरडीए ऊना में सोमभद्रा ब्रांड के स्वयं सहायता समूहों की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता और पैकेजिंग से दूसरी कंपनियों के उत्पादों के मुकाबले एसएचजी के उत्पाद आकर्षक बनेंगे।
उन्होंने कहा कि सोमभद्रा ब्रांड का मकसद जिला ऊना के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को देश और प्रदेश सहित विदेश में भी एक अलग पहचान देना है। कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।
गौर हो कि जिला प्रशासन की इन उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग के लिए द जंगल हार्वेस्ट कंपनी से भी करार को लेकर बात चल रही है। उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में ऊना जिला के 32 स्वयं सहायता समूहों को सोमभद्रा ब्रांड से जोड़ा गया है। इनमें ऊना ब्लॉक के नौ, बंगाणा के दो, गगरेट के दस, अंब के पांच और हरोली के छह स्वयं सहायता समूह शामिल हैं। बैठक में स्वयं सहायता समूहों ने रिवॉल्विंग फंड, ब्लॉक और जिला स्तर पर स्थायी विक्रय केंद्र खोलने, खेवट बेहड़ बायो मार्ट और उत्पादों की पैकेजिंग के लिए सिलिंग मशीन उपलब्ध करवाने की मांग की।
डीसी ने परियोजना अधिकारी डीआरडीए संजीव ठाकुर को सभी मांगों को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी विकास खंडों के एलएससीओ और सोमभद्रा ब्रांड से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के संचालक उपस्थित रहे।