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जिले में लगातार छठे दिन हुई बारिश, फसलों को भारी नुकसान

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ऊना में दो दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश के चलते खेतों में खड़ा पानी।संवाद - फोटो : Una
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ऊना। जिले में बीते मंगलवार से शुरू हुआ बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहा। क्षेत्र के लोग छह दिन से धूप के दर्शन को तरस चुके हैं। वहीं, बारिश के न रुकने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें आ चुकी है। आलम यह है कि जिन खेतों में पानी की निकासी नहीं है, वहां फसलें खराब हो रही हैं।
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रविवार को लोगों को धूप निकलने की उम्मीद थी, लेकिन सुबह से शुरू हुई बारिश देर शाम तक नहीं रुकी। लगातार हो रही बारिश के कारण कम ही संख्या में लोग घरों से बाहर निकले। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री और अधिकतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले शनिवार को जिला का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ऐसे में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री और अधिकतम में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
खराब मौसम और ठंड अधिक होने के लिए कारण क्षेत्र में सड़के लगभग सूनी पड़ी रही। लोग दोपहिया वाहन पर तो न के बराबर ही बाहर निकले। मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि सोमवार को बारिश से राहत मिलने के आसार है। हालांकि, बीच-बीच में बारिश हो सकती है। ऐसे में लोग पूरी तैयारी के साथ ही घरों से निकलें। उधर, छह दिन से हो रही बारिश से फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। जिन खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां फसल खराब होना शुरू हो चुकी है।
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क्षेत्र के अधिकतर खेत इस समय जलमग्न हो चुके हैं। जो किसान पहले बारिश का इंतजार कर रहे थे, वह अब इसके बंद होने की दुआ कर रहे हैं। बता दें कि इस समय गेहूं, गोभी, लहसुन और आलू आदि की फसलें अभी जमीन से बाहर आना शुरू हुई है। खेतों में पानी जमा होने से फसलें पूरी तरह डूब चुकी है। कई खेतों में किसान लगातार पानी की निकासी कर रहे हैं।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. अतुल डोगरा ने बताया कि इस समय खेतों से पानी की निकासी करना बेहद जरूरी है। ऐसा न करने पर फसलें खराब होने का पूरा खतरा है। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश से जमीन में पर्याप्त मात्रा में नमी आ चुकी है। ऐसे में जिन खेतों में पानी जमा हो चुका है उसे सूखने में एक सप्ताह तक का समय लग जाएगा। इस बीच फसल खराब हो जाएगी।
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