ऊना। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान चरणजीत सिंह का वीरवार सुबह निधन हो गया। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने 1964 में टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। चरणजीत सिंह के निधन से हॉकी जगत में शोक का माहौल है। क्षेत्र के हॉकी खिलाड़ियों से लेकर प्रशिक्षकों ने उनके निधन के एक बड़ा झटका बताया है। क्षेत्र के खिलाड़ियों ने चरणजीत सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
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नए खिलाड़ियों को खेल को निखारने में काफी मिलती थी मदद
हिमाचल हॉकी संघ के प्रदेश महासचिव रोमेश पठानिया ने कहा कि चरणजीत सिंह का निधन हमारे लिए एक बड़ा नुकसान है। वह नए खिलाड़ियों को समय-समय पर खेल से जुड़े टिप्स देते रहते थे। इससे नए खिलाड़ियों को अपने खेल को निखारने में काफी मदद मिलती थी। क्षेत्र से जुड़े बड़े खिलाड़ी का निधन एक बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता।
हॉकी खेल से जुड़े एक अनमोल रत्न थे चरणजीत : आशीष सेन
जिला खेल विभाग के हॉकी कोच आशीष सेन ने बताया कि चरणजीत सिंह से उन्होंने हॉकी खेल से जुड़ी कई बारीकियां सीखीं। चरणजीत के मार्गदर्शन में क्षेत्र के खिलाड़ियों ने कई प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया। सिंह हॉकी खेल से जुड़े एक अनमोल रत्न थे। चरणजीत सिंह का निधन पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। वह हमारे दिल में हमेशा जीवित रहेंगे।
खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत थे : रुपिंदर
ऊना जिला के वार्ड चार के गलुआ मोहल्ला के खिलाड़ी रुपिंदर सिंह ने कहा कि चरणजीत सिंह एक छोटे जिला से संबंध रखते थे। इसके बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नेतृत्व किया। यह हर उस खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायक है जो छोटे जिला या शहर से संबंध रखता हो।
अच्छा प्रदर्शन करने के देते थे टिप्स : प्रियंका
मुबारिकपुर गांव की सीनियर हॉकी खिलाड़ी प्रियंका देवी ने कहा कि चरणजीत सिंह खिलाड़ियों को टिप्स देने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। कहा कि कई प्रतियोगिताओं के दौरान उन्होंने हमारा मार्गदर्शन किया। इस दौरान हमें बड़ी प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने के टिप्स भी देते थे। प्रियंका ने बताया कि वह आज जिस भी स्तर पर खेल रही हैं, उसके पीछे चरणजीत सिंह का बड़ा हाथ है।
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चरणजीत सिंह से मुलाकात हमेशा रहेगी यादगार : निशांत
मलाहत क्षेत्र के जूनियर हॉकी खिलाड़ी निशांत रायजादा ने बताया कि वह दो साल पहले एक प्रतियोगिता के दौरान चरणजीत सिंह से मिले थे। इस दौरान उन्होंने खेल को लेकर हमारे साथ लंबी बातचीत की। निशांत ने बताया कि चरणजीत सिंह के साथ मुलाकात उसके लिए हमेशा यादगार रहेगी।