ऊना। सीटू से संबंधित मिड-डे मील यूनियन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन ने मांगों के समर्थन में एमसी पार्क में बुधवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान मिड-डे मील कर्मियों ने 18 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त राघव शर्मा के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी भेजा।
सीटू नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि केंद्र एवं हिमाचल की पूर्व जयराम सरकार ने किसान, मजदूर, आंगनबाडी, मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर्स, मनरेगा मजदूर, नौजवान विरोधी फैसले लिए थे। निजीकरण को बढ़ावा दिया। नीतियों का विरोध करने वालों का सरकार ने दमन किया। हिमाचल की नई चुनी कांग्रेस सरकार लोगों के साथ बहुत वायदे करके सता में आई है। जाते-जाते जयराम सरकार ने गरीब मजदूरों पर भारी हमला करके श्रमिक कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सहूलियतें बंद कर दी थीं, नई सरकार को इन्हें बहाल किया जाना चाहिए। आंगनबाड़ी वर्कर्स, हेल्पर का 100 प्रतिशत कोटा प्री-नर्सरी में दिया जाए और मानदेय की बढ़ोतरी की जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स, सहायिका के सेवानिवृत्त होने की उम्र 65 साल की जाए। हर स्कूल में दो मिड-डे मील वर्कर्स रखे जाएं। 10 बच्चों से कम वाले स्कूल के बंद होने पर अध्यापक के साथ मिड-डे मील वर्कर्स का भी तबादला किया जाए। इस वर्ग को 10 के बजाय 12 महीने का वेतन हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार दिया जाए।
प्रदर्शन में बलविंद्र, अनुराधा, शैलजा, अनुराधा, कुशल कुमार, वीना देवी, प्यारा, सीटू जिला प्रधान सुरेंद्र कुमार नरेश, चनन सिंह, शीला देवी, ऊषा देवी, चंचल देवी, रोशनी देवी, सुनीता, सर्वजीत कौर, ममता देवी, संतोष कुमारी, संती देवी, केके राणा, सुमना देवी, मजीद, सतीश कुमार, शिव कुमार दिवेद्वी, मुकेश, सलोचना देवी, सुनीता आदि मौजूद रहे।