ऊना। जिला मुख्यालय से सटे मलाहत रेलवे फाटक के पास अंडरपास का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। सब कुछ होने के बावजूद इसका काम धरातल पर नहीं उतर पाया। लोक निर्माण विभाग ऊना के एनएच विंग की ओर से इसका कार्य किया जाना है। वर्ष 2021 में यहां अंडरपास बनाने की कवायद शुरू हुई थी।
डेढ़ वर्ष गुजरने के बावजूद निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। एनएच के अधिकारियों की मानें तो केंद्रीय मंत्रालय स्तर पर इसकी अप्रूवल मिल चुकी है। इसके लिए करीब 19 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान भी है। बड़ी सुविधा के प्रोजेक्ट को बनाने का मूल उद्देश्य मलाहत में बनने वाले पीजीआई सेटेलाइट सेंटर के लिए बढ़ने वाली यातायात व्यवस्था और रोगी वाहनों को राहत पहुंचना है। दूसरी ओर होशियारपुर से पंडोगा, बसोली, मलाहत से होकर बड़सर, भोटा तक एनएच 503ए का निर्माण होने के कारण मार्ग से बढ़ा यातायात भी इसे बनाने का एक मुख्य कारण है। वर्तमान में ऊना रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या के कारण यहां रेलवे फाटक पर वाहनों का आवागमन ट्रेन आने पर बाधित रहता है। वाहन चालकों को कई मिनट तक ट्रेन के जाने का इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पूर्व भाजपा सरकार के समय यहां मलाहत के रेलवे फाटक पर अंडरपास की सुविधा को तय किया गया है। इसे बनाने के लिए अब सब कुछ फाइलों में सिमटा हुआ है। वर्तमान में धरातल पर इसकी एक ईंट भी नहीं लग पाई है। अगर अंडरपास जल्दी बन जाता है तो वाहन चालक और राहगीर बिना असुविधा आवागमन कर सकेंगे।
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टेंडर प्रक्रिया में है कार्य
मलाहत रेलवे फाटक पर बनने वालेे अंडरपास के निर्माण को लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है। 19 करोड़ रुपये की लागत से इसे बनाया जाएगा। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करके इसका काम शुरू किया जाएगा।
-राजेश शर्मा, एसडीओ लोक निर्माण विभाग (एनएच विंग)