सरकारी मंडियों में आमद बेहद कम, मंडियों में अभी तक 2000 क्विंटल के करीब हुई गेहूं की खरीद
व्यापारी कई गुना अधिक कर चुके खरीद, व्यापारी घर द्वार से उठा रहे गेहूं
जब मंडियों में स्लॉट बुक करने के बाद किसानों को खुद जाना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गेहूं कटाई का सीजन अंतिम चरण में है। फसल की खरीद के लिए एपीएमसी ने दो खरीद केंद्र बनाए हैं, जिनमें एक जिला मुख्यालय के समीप रामपुर में और दूसरा अंब क्षेत्र के टकारला में है। लेकिन दोनों अनाज मंडियों में उम्मीद मुताबिक किसान फसल बेचने नहीं पहुंच रहे। इसके मुकाबले व्यापारियों को फसल देने में किसान अधिक रूचि ले रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिला के दो खरीद केंद्रों में अभी तक करीब 2500 क्विंटल के आसपास गेहूं की खरीद हो पाई है, जबकि हर वर्ष खरीद केंद्रों में 30000 से 50000 क्विंटल तक फसल खरीद का मकसद रहता है। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कर स्लॉट बुकिंग करनी होती है। इस प्रक्रिया में किसानों को गेहूं की बिक्री के लिए एचपी प्रेक्यूरमेंट पोर्टल (hpappp.nic.in) पर पंजीकरण करवाने के साथ गेहूं की बिक्री के लिए टोकन लेना होता है। उसके बाद बारी आने के मुताबिक ही खरीद केंद्रों में जाना होता है। दूसरी ओर क्षेत्र में सक्रिय कुछ व्यापारी किसानों से घर द्वार पर फसल खरीदते हैं और जितनी कीमत सरकारी मंडियों में मिलती है, उतनी कीमत चुका रहे हैं। ऐसे में किसानों को व्यापारी के पास बेचना फायदे का सौदा लग रहा है।
ध्यान रहे कि व्यापारी खरीदी हुई गेंहू को आटा मिल में बेचते हैं। जहां उन्हें कुछ लाभ अर्जित होता है। बता दें कि इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 150 रुपये बढ़ाकर 2275 रुपये किया गया है, जबकि पिछले वर्ष 2125 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी के आधार पर गेहूं की खरीद हुई थी।
कोट्स
जिला में गेहूं की खरीद के लिए दो केंद्र बनाए गए हैं। जहां किसानों की हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। हालांकि हमारा मकसद किसानों को फसल के अच्छे दाम दिलवाना है। फिर बेशक किसी अन्य माध्यम से फसल की खरीद हो।
भूपेंद्र सिंह, सचिव, एपीएमसी, ऊना