संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। राजस्व सेवाओं को सरल और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों के तहत ऊना जिला में भी भूमि संबंधी मामलों के निपटारे पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विशेष अभियान के अनुरूप जिला में इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की जा रही है।
उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने लंबित मामलों के निपटारे को गति देने और राजस्व सेवाओं की नियमित समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है।
जिले के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 और वर्ष 2026 में अब तक इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से संबंधित कुल 9,647 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई है। इनमें इंतकाल के 7,265, निशानदेही के 1,597, तकसीम के 590 और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के 195 मामले शामिल हैं।
जिला राजस्व अधिकारी विपिन ठाकुर ने बताया कि राजस्व मामलों की सुनवाई और निपटारे को गति देने के लिए जिला में हर सप्ताह मंगलवार, बुधवार और वीरवार को विशेष तकसीम अदालतें लगाई जा रही हैं। इसके अलावा महीने के अंतिम दो दिनों में राजस्व अदालतें लगाई जा रही हैं ताकि लंबित मामलों पर कार्रवाई के अतिरिक्त अवसर मिल सकें। इन प्रयासों का उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों की सुनवाई को गति देना और लोगों को राजस्व सेवाएं समय पर उपलब्ध करवाना है।