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नोटिस के बाद बिना सुधार किए चलता रहा नशा मुक्ति केंद्र

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जिले के एक नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण करते हुई टीम। संवाद - फोटो : Una
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संवाद न्यूज एजेंसी
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ऊना। हरोली उपमंडल के कांगड़ बढ़ेड़ा स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में गोंदपुर बनेहड़ा के युवक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व में नशा मुक्ति केंद्र में मिली खामियां को दूर किए बिना ही केंद्र को संचालित किया जा रहा था। इसका खुलासा मौके पर पहुंची मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल के दस्तावेज जांचने पर हुआ। स्टाफ की कमी और अन्य खामियां पहले की तरह मौके पर मिली हैं।
इस मामले में पुलिस को भी शुरूआती जांच पड़ताल में लापरवाही मिली है। पुलिस सभी तथ्यों को जुटा रही है। बड़ा सवाल है कि युवक के शरीर में आखिर इतनी चोटें कैसे पहुंचीं। इससे केंद्र भी सवालों के घेरे में है। वहीं, कांगड़ बढ़ेड़ा में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र का कुछ माह पूर्व जिला निरीक्षण कमेटी ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्टाफ की कमी और रिकॉर्ड सही तरह से न बनाने की खामियां मिली थीं। इस पर केंद्र को नोटिस जारी कर कमियाें को दूर करने की हिदायत जारी की गई थी, लेकिन केंद्र ने इन्हें दूर करने में कोई रुचि नहीं दिखाई और मरीजों को दाखिल करते रहे।
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वीरवार रात को केंद्र में संदिग्ध परीस्थितियों में युवक की मौत के बाद शुक्रवार सुबह सीएमओ डॉ. मंजू बहल ने निरीक्षण किया तो पहले बताई गई कमियां पूरी की हुई नहीं मिलीं। वर्तमान में भी स्टाफ की कमी और रिकॉर्ड सही तरीके से नहीं मिला। इस पर अब सीएमओ की तरफ से रिपोर्ट तैयार कर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल ने बताया कि केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। नियमानुसार रिपोर्ट तैयार कर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजी जाएगी। उधर, केंद्र की तरफ से युवक की मौत दिल का दौरा पड़ने से होना बताया गया, जबकि परिजन बेटे की पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही से मौत होने पर केस दर्ज कर लिया है।
पांच और नशा मुक्ति केंद्र जांचे
जिले में नशा मुक्ति केंद्रों की जांच जिला निरीक्षण कमेटी की ओर से की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को निरीक्षण कमेटी के सदस्यों ने कांगड़ बढेड़ा के नशा मुक्ति केंद्र के अलावा पंडोगा, ललड़ी, बाथड़ी, कुरियाला मोड़ बरनोह और अघलोर स्थित नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया। कुछ केंद्रों में क्षमता से अधिक भीड़ और रिकॉर्ड सही तरीके से न होने की खामियां पाई र्गइं।
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बंद करवाए छह केंद्र कोर्ट के आदेश पर हुए बहाल
जिले के छह नशा मुक्ति केंद्रों को पूर्व में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण ने खामियां पाए जाने पर बंद करने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में ये केंद्र अदालत के आदेश पर बहाल हो गए।
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