जिला अस्पताल ऊना में प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिला की गर्भ में शिशु समेत मौत से परिजन भड़क गए। महिला की मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए परिजनों और साथ आए लोगों ने कार्रवाई की मांग की।
कुछ देर के लिए अस्पताल में हंगामे से अफरातफरी मच गई। मामले में हस्तक्षेप करते हुए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों के हवाले कर दिया। परिजनों ने सीएमओ ऊना को लिखित में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की रिपोर्ट अब एक हफ्ते में सौंपी जाएगी। मृतका की पहचान राधु (33) पत्नी पंकज निवासी पोलियां बीत के रूप में हुई है। मामले पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि महकमे को ऐसे डॉक्टरों की जरूरत नहीं जो मरीजों को समुचित उपचार न दे सकें। इस मामले में डॉक्टर की भूमिका को लेकर जांच बिठाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर चार्जशीट किया जाएगा।
महिला के पति पंकज ने बताया कि उसने अपनी पत्नी राधु को प्रसव के लिए 20 मई को क्षेत्रीय अस्पताल में दाखिल किया था, जिसे डाक्टर नार्मल डिलीवरी करने की बात करते रहे। इसी दिन महिला की नार्मल डिलीवरी का प्रयास किया गया, लेकिन डिलीवरी नहीं हो पाई। महिला के परिजनों ने कहा कि 21 मई को दोबारा पत्नी की नार्मल डिलीवरी के लिए वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन काफी देर तक अंदर से कोई जवाब नहीं आया।
लगभग तीन घंटे चिकित्सक ने अंदर से दरवाजा बंद कर रखा था। अंदर क्या चल रहा था इस बारे कोई जानकारी नहीं दी गई। रविवार रात करीब 10:30 बजे पुलिस कर्मी वार्ड के बाहर पहुंचे तब जाकर चिकित्सक ने दरवाजा खोला और महिला की मौत की जानकारी उन्हें दी। उसके तुरंत बाद डाक्टर वहां से चले गए। पंकज कुमार ने बताया कि पुलिस को चिकित्सक ने ही बुलाया था, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
क्या कहते हैं सीएमओ : सीएमओ ऊना डॉ. प्रकाश दड़ोच ने कहा कि मामले के संबंध में जांच शुरू कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में तैयार की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। एसपी अनुपम शर्मा ने बताया कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवाने के साथ ही परिजनों के बयान लिए गए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।