मैहतपुर में मौके पर ई पास बनाकर दिखाती महिलाएं
- फोटो : Una
मैहतपुर (ऊना)। जिले के सरहदी जांच नाके पर बिना ई-पास के पहुंच रहे बाइक सवार युवकों को बॉर्डर से ही वापस भेजा जा रहा है। इन युवकों के पास न तो ई-पास, न कोविड टेस्ट रिपोर्ट और न ही डबल डोज वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र था। नाके पर तैनात शिक्षकों ने सोमवार को पंजाब से चिंतपूर्णी, ज्वाला जी सहित अन्य धार्मिक स्थलों को जा रहे बाइक सवार युवकों को बॉर्डर से ही लौटा दिया।
हैरत की बात यह है कि बाइक सवार जाते हुए यह भी कहते सुने गए कि हम दूसरे चोर रास्ते से हिमाचल में एंट्री कर लेंगे, वहां कोई नहीं पूछता। सोमवार को अमर उजाला टीम ने देखा कि जन्माष्टमी की छुट्टी के बावजूद हिमाचल आने वाले लोगों की संख्या सामान्य से थोड़ी कम रही। कर्मचारियों को दूसरे राज्यों से आ रहे श्रद्धालुओं, यात्रियों के ईपास की स्कैनिंग के बाद ही एंट्री दे रहे थे। सूत्रों के मुताबिक वापस भेजे जा रहे लोगों में ज्यादातर बाइक सवार चोर रास्तों से ही हिमाचल में दाखिल हो रहे हैं।
माता नयना देवी से लौटे पंजाब के कई युवकों ने अपने नाम न बताकर कहा कि वहां पर किसी ने किसी प्रकार की कोई जांच-पड़ताल नहीं की गई। न ही ई-पास दिखाना पड़ा। जैसे ही वे मैहतपुर सीमा पर पहुंचे तो यहां तैनात कर्मचारियों ने उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी और लौटा दिया। एसडीएम ऊना डॉ. निधि पटेल ने कहा कि पुलिस जिला के तमाम सीमावर्ती नाकों पर मुस्तैदी से काम कर रही है। चोर रास्तों से बाइक सवार प्रवेश न करने पाए, इसके लिए पुलिस काम करेगी।