संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में रविवार शाम को करीब एक घंटे तक हुई बारिश के बाद क्षेत्र के किसानों ने मक्की बिजाई के लिए कमर कस ली है। हालांकि कई स्थानों पर किसान पहले ही अगेती मक्की की बिजाई कर चुके हैं, लेकिन गैैर सिंचित क्षेत्रों में भी अब लोग मक्की की फसल बीजने की सोच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 23 से 24 मई तक क्षेत्र में बारिश और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। ऐसे में अगर इन तीन दिनों में लगातार बारिश होती है तो जमीन में जरूरत से अधिक नमी हो जाएगी। किसान बारिश के एक या दो दिन बाद मक्की की बिजाई कर सकते हैं। इसके लिए कई स्थानों पर किसानों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कई किसानों का यह भी कहना है कि गैर सिंचित क्षेत्रों में अगर मक्की की फसल की बिजाई कर दें और आने वाले दो से तीन सप्ताह बारिश नहीं होती तो फसल को नुकसान भी पहुंच सकता है।
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो प्रदेश में 10 जून के बाद मानसून के दस्तक देने की उम्मीद है, लेकिन इसका सही अंदाजा मानसून के केरल पहुंचने पर ही लगेगा। अगर 10 मई के आसपास मानसून जिले में दस्तक देता है तो 25 या 26 मई के आसपास मक्की की फसल लगाने के नुकसान की संभावना कम रहेगी। धंधड़ी गांव के किसान सुखदेव, पनोह के रोहित कुमार, बसाल के सुरेंद्र कुमार और शिव कुमार का कहना है कि बारिश होने से जमीन में नमी आ गई है। कहा कि अगले माह बरसात शुरू हो जाएगी। वह मक्की की फसल उगाने की सोच रहे हैं। कहा कि उन्होंने बीज की खरीद कर ली है। मौसम साफ होने के बाद वे फसल की बिजाई में जुट जाएंगे।
वहीं पंडोगा गांव के राजेश कुमार, अमित कुमार का कहना है कि इस बारिश के बाद अगर 15 से 20 दिन बारिश न हुई तो नुकसान भी हो सकता है। उधर, कृषि उपनिदेशक कुलभूषण धीमान ने बताया कि क्षेत्र में बारिश होने से किसानों को राहत मिली है। इस समय मक्की की बिजाई की जा सकती है, बशर्ते अगर 10 दिनों में फिर बारिश हो जाए। कहा कि जिस प्रकार से क्षेत्र में तीखी धूप पड़ रही है, जमीन में नमी ज्यादा दिन नहीं रहेगी।