बद्दी में सूर्य निकलने पर सभी लोग नमस्कार करते हुए पूर्वांचल के लोग।
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बद्दी (सोलन)। उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पर्व का समापन हो गया। लोगों ने उगते सूर्य को जल चढ़ाकर देश में कोरोना संक्रमण के खत्मे और सुख-चैन की कामना की। अर्घ्य के बाद तीन दिन से अन्न-जल का त्याग कर उपवास रखने वाले लोगों ने विधिवत उपवास खोला।
बीबीएन में पूर्वांचल राज्यों के करीब दो लाख लोग रहते हैं। इनमें 80 फीसदी लोगों ने नौकरी के चलते यहीं पर छठ पूजा की। केवल 20 फीसदी लोग अपने गांव गए। बिहार राज्य के मधुबनी निवासी ब्रह्मदेव मिट्टी के हाथी पर पूजा-अर्चना का सामान रख कर अर्घ्य दिया। छपरा निवासी रमेश कुमार ने विशेष मन्नत पूरी होने पर कोशी भरी। रमेश का परिवार अर्घ्य देने से दो घंटे पहले ही घाट पर पूजा करने आ गया था।
पूर्वाचंल जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सत्य पांडे, संयोजक परम हंस दिवेदी, पिंटू सिंह, क्रांपटन फार्मा के संचालक विनोद पांडे, अरुण पांडे, चंद्रेश्वर सिंह, रुपेश सिंह ने बताया कि बीबीएन में छठ पर्व हर्षोल्लास से मनाया। लोगों ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर देश में कोरोना संक्रमण से राहत दिलाने की मन्नत मांगी।
सरसा नदी का दूषित पानी पूजा करने में आई दिक्कत
सरसा नदी में उद्योगों का रसायनयुक्त पानी मिलता है जिससे पानी का रंग ही बदल गया है। पानी खराब होने के बावजूद महिलाओं ने इसमें स्नान किया और कई घंटे पानी में खड़ी रहीं। परमहंस द्विवेदी ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र होने से यहां नदी नालों में कैमिकल युक्त पानी होना आम बात है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और राजनेताओं ने छठ पूजा के लिए अलग से जलाशय तैयार करने की मांग की है।