संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। नालागढ़-बद्दी के दो छात्र यूक्रेन से वापस घर लौटे हैं। राजपुरा के रंगुवाल निवासी आर्यन ठाकुर और बद्दी की आरुषि चौहान शुक्रवार को वापस लौट आए हैं। दोनों छात्र वीरवार को दिल्ली पहुंचे तथा वहां भारतीय दूतावास ने चंडीगढ़ तक छोड़ा। इन दोनों छात्रों के परिजन उन्हें लेकर अपने आए हैं।
रंगुवाल निवासी आर्यन ठाकुर ने बताया कि वह 25 फरवरी को टरनाविल स्थित मेडिकल यूनिर्सिटी छोड़ गए थे। वहां से निजी वाहन से शाहनीमेदिका शहर पहुंचे। वहां से 60 किमी पैदल चल कर पोलैंड की सीमा तक पहुंचे।
आर्मी कैंप में रुकने के बाद इमिग्रेशन साइट पर गए जहां एक मार्च तक लाइनों में खड़े रहे। यहां पर उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खाने की कोई व्यवस्था नहीं थी केवल पानी के सहारे चार दिन सड़कों पर काटे। वहां पर पासपोर्ट पर स्टैंप लगनी थी जिसे यूक्रेन के सैनिक नहीं लगा रहे थे।
रूस के सैनिक भारतीय छात्रों से अच्छा बर्ताव कर रहे थे। पोलैंड सीमा के बाद भारतीय दूतावास ने पोलैंड में छात्रों के रहने के लिए होटल का प्रबंध किया था जहां पर भारतीय हाईवे मंत्री वीके सिंह खुद पहुंचे। पिता ने भी बेटे के आने पर खुशी जाहिर की।
मानपुरा की आरुषि चौहान भी दिल्ली से बस से चंडीगढ़ पहुंचीं जहां परिजन उसे लेने आए थे। आरुषि चौहान वाया रोमानिया भारत आईं। रोमानिया की सीमा तक पहुंचने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ा।
आरुषि यूक्रेन में इवानो मेडिकल यूनिवर्सिटी की द्वितीय वर्ष छात्रा हैं। आरुषि के पिता शमशेर चौहान ने बताया कि दो बेटियां यूक्रेन में थीं जिसमें एक घर पहुंच गई है और दूसरी ने रोमानिया बार्डर पार कर लिया है। वह भी जल्दी ही भारत पहुंच जाएंगी।