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स्वास्थ्य विभाग के लक्ष्य भी युवाओं के जुनून के आगे छोटा पड़ा

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सोलन ठोडो ग्राउंड के समीप 15-17 आयु को दूसरी खुराक देते हुए। संवाद - फोटो : SOLAN
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सोलन। जिला भर के सरकारी और निजी स्कूलों में युवाओं ने वैक्सीन लगाने में स्वास्थ्य विभाग के तय लक्ष्य को भी पछाड़ दिया है। तीन जनवरी से शुरू हुए अभियान में स्वास्थ्य विभाग ने 15 से 18 आयु वर्ग के 35 हजार बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य निधार्रित किया, लेकिन विभाग ने तय अवधि में 35 बजाय 16 हजार युवाओं को टीका लगा दिया। जबकि इसमें 33 हजार विद्यार्थियों ने दूसरी डोज भी ले ली। हालांकि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विभाग ने पहले केवल स्कूलों में पढ़ने वाले युवाओं को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जबकि इसमें जो युवा पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्होंने खुद ही सेंटरों पर पहुंचकर वैक्सीन लगवाई। टीकाकरण के बाद अब विद्यार्थी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे, लेकिन वैक्सीन आने के बाद टीकाकरण बेहद तेजी से आगे बढ़ा।
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गौर रहे कि वैक्सीन आने के बाद कई प्रकार की भ्रम भ्रांतियां फैलाई गईं, लेकिन इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन की जागरूकता के लिए कई अभियान चलाए। इसके बाद टीकाकरण में सोलन प्रदेश के पहले स्थान पर आ गया। उधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी मुक्ता रस्तोगी ने कहा कि 15-18 आयु के विद्यार्थियों को पहली डोज पर 35 हजार का लक्ष्य निधार्रित किया था, लेकिन विभाग ने बेहद जल्द 38 हजार पार कर लिया, जबकि 33 हजार विद्यार्थियों को वैक्सीन की दूसरी खुराक भी लगा दी गई है। विद्यार्थियों में उत्साह के कारण टीकाकरण रफ्तार पकड़ चुका है।
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राजकीय कन्या विद्यालय की प्रधानाचार्य लक्ष्मी श्याम ने कहा कि कोविड वैक्सीन को लेकर स्कूल की छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया। कुछ बच्चों के मन में डर का माहौल था। जिस पर अध्यापकों ने बच्चों को जागरूक किया। वैक्सीन के प्रभाव पर सही जानकारी मुहैया करवाई। स्कूल में टीकाकरण के दिन लक्ष्य से ज्यादा छात्राओं को टीकाकरण किया गया था।
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दयानंद आदर्श विद्यालय की प्रधानाचार्य उषा मित्तल ने कहा कि बर्फबारी के बीच भी स्कूलों में टीकाकरण किया गया था। इस दौरान बच्चों में काफी जुनून देखने को मिला। वैक्सीन पर फैलाए गए भ्रम का डर दूर करने के लिए सभी अध्यापकों ने भरपूर प्रयास किए। सरकार की ओर से स्कूल खुलने के बाद वैक्सीनेशन अभियान बेहतरीन तरीके से चलाया गया। आज स्कूल में वैक्सीन लगने के बाद अच्छा अनुभव कर रहे हैं।
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आंजी स्कूल की छात्रा आस्था ने कहा कि कोविड में राहत के बाद खुले स्कूलों में जाने से डर लग रहा था। लोगों से वैक्सीन के दुष्प्रभाव सुनने को मिल रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीमों के स्कूल पहुंचने पर वैक्सीन लगाने के लिए सबसे पहले आगे आए। वैक्सीन लगने के बाद सुरक्षित महसूस कर रही हूं। अब वैक्सीन को लेकर छात्राओं में कोई डर नहीं है।
कन्या विद्यालय की छात्रा ज्योति ने कहा कि कोविड से बचने के लिए लंबे समय से वैक्सीन लगाने का इंतजार कर रही थी। संक्रमण में राहत के बाद खुले स्कूल में शुरुआती दौर में डर लगने लगा था। वैक्सीन लगाने की सूचना मिलते ही खुशी का माहौल था। जनवरी में पहली खुराक लेने के बाद अब दूसरी डोज लगा सुरक्षित महसूस कर रही हूं।
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दयानंद आदर्श विद्यालय के छात्र आकाश ने कहा कि वैक्सीन लगने के बाद स्कूल में सुरक्षित महसूस हो रहा है। दूसरी डोज लगाने के बाद स्कूल में अपने दोस्तों को भी प्रेरित कर रहे हैं। वैक्सीन की वजह से कोविड पर काफी लगाम लगी है।
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दयानंद आदर्श विद्यालय की छात्रा पियुषी गुप्ता ने कहा कि परिवार में मुझे छोड़ कर सभी लोग वैक्सीन लगा चुके थे। स्कूल में वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद सबसे पहले आगे आकर टीका लगवाया। दूसरी खुराक लगने के बाद सुरक्षित महसूस कर रही हूं। पूरा परिवार कोविड वैक्सीन लगवा चुका है।
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