संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। परवाणू-सोलन फोरलेन निर्माण में पहाड़ों की कटिंग में सुरक्षा उपायों को दरकिनार किया गया है। नेशनल हाईवे पर कई जगह पत्थर गिरने का खतरा है। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय सड़क सुरक्षा टीम ने अपने निरीक्षण में ऐसा पाया है। इसके चलते फोरलेन निर्माण में पहाड़ों की कटिंग से सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा टीम संतुष्ट नहीं नजर आई।
टीम ने पाया कि नेशनल हाईवे पर कई जगह ऐसी हैं जहां पत्थर सड़क पर आकर गिर सकते हैं। पहाड़ों की कटिंग के दौरान सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति की विशेष टीम ने सोलन में निरीक्षण किया।
इस दौरान विशेष जांच दल ने कालका-शिमला एनएच की स्थिति का जायजा और रिकॉर्ड लिया। टीम ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अस्पताल सोलन, पुलिस थाना, बस स्टैंड और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से हादसों की जानकारी ली। इस दौरान टीम के साथ विभागों की टीमें भी मौजूद रहीं जिन्होंने मांगी गई जानकारी टीम को उपलब्ध करवाई।
जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति की विशेष तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। यह टीम हाईवे पर हो रहे हादसों समेत अन्य जानकारी का पता लगाने के लिए आई थी। टीम ने चंबाघाट चौक, कोटलानाला चौक, उपायुक्त चौक और सपरून चौक का निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
टीम ने पाया कि शहर में कहीं भी चौक पर जेबरा क्रॉसिंग इक्का-दुक्का जगहों पर है जहां जेबरा क्रॉसिंग बनाया गया है, वहां वाहन आकर रुकते हैं। लोगों में भी इस पर जागरूकता को लेकर कमी पाई गई है। इसके अलावा शहर में ड्राइविंग स्कूलों का रिकॉर्ड भी लिया। इसके बाद टीम क्षेत्रीय सोलन अस्पताल पहुंची जहां इमरजेंसी, ओटी समेत अन्य की सुविधाएं देखीं।
उधर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन नरेंद्र चौहान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, पुलिस थाना, अस्पताल, शहर के सभी चौक और नेशनल हाईवे का निरीक्षण किया। यह टीम वाहनों की संख्या, चालान, दुर्घटना से संबंधित रिकॉर्ड भी लेकर गई। सड़क सुरक्षा से संबंधित उपायों के बारे में जानकारी भी ली।