सोलन में कंजकाओं को भोजन देकर अपना व्रत खोलतीं महिला। संवाद
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सोलन। शहर के माता शूलिनी मंदिर में हवन यज्ञ के साथ नवरात्र का समापन हुआ। नवमी पर मां शूलिनी मंदिर में उपायुक्त, एसडीएम, तहसीलदार और पुजारियों ने हवन किया। नवरात्र के अंतिम दिन मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं ने कंजकों को प्रसाद बांट कर व्रत खोला। कोविड नियमों के पालन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहा। मंदिर परिसर में बैठे भिखारियों को पुलिस ने हटवा दिया।
कोविड के चलते मंदिर में आखिरी नवरात्र पर लगने वाले भंडारों का आयोजन नहीं किया गया। नवमी पर मां शूलिनी मंदिर का दरबार प्रात: चार बजे खोल दिया गया था। रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालु मंदिर में मां के दर्शन करने पहुंचते रहे। मंदिर में सरकार से जारी कोविड एसओपी का पालन किया गया। मंदिर में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक श्रद्धालु की स्वास्थ्य जांच की गई।
उधर, मां शूलिनी मंदिर के पुजारी पंडित रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि नवरात्र के समापन पर हवन किया गया। इसमें उपायुक्त, एसडीएम, तहसीलदार समेत पुजारी भी शामिल रहे। शारदीय नवरात्रों के अंतिम दिन माता का भंडारा नहीं लगाया गया। मंदिर में कोविड नियमों का पालन किया गया।