संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के स्कूलों में तीसरी कक्षा के अधिकतर विद्यार्थियों का पढ़ने का स्तर बहुत कमजोर है। कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। क्लस्टर मुखिया भी स्कूलों का निरीक्षण समय पर नहीं कर रहे हैं।
कुछ स्कूलों के विद्यार्थियों की नोटबुक देखकर पता चला कि गलतियों में सुधार के बाद कार्य को दोहराने के लिए नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा कुछ स्कूलों में खेल मैदान की कमी भी रही।
इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसे जल्द ही निदेशालय को सौंपा जाएगा। जिला प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) सोलन की टीम ने जिले के 50 क्लस्टर स्कूलों का निरीक्षण कर ये खामियां पाई हैं। इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जा रही है।
जानकारी के अनुसार शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए स्कूलों के क्लस्टर बनाए गए हैं। इसमें चार से पांच स्कूलों का एक मुख्य सेंटर बनाया है। मुख्याध्यापक को हर माह अपने क्लस्टर में आने वाले स्कूलों का निरीक्षण कर इसकी जानकारी निदेशालय को सौंपनी होती है।
हालांकि पिछले काफी समय से यह निरीक्षण समय पर नहीं हो रहा था। डाइट सोलन की टीम ने कंडाघाट, कुठाड़ और धर्मपुर ब्लॉक के 50 क्लस्टरों का निरीक्षण किया है। इन स्कूलों की स्थिति की रिपोर्ट को सौंपने के बाद ग्रीष्मकालीन स्कूलों के क्लस्टरों का निरीक्षण होगा।
जिला मुल्यांकन विशेषज्ञ बबीता ठाकुर ने बताया कि अधिकतर स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। बच्चों का सीखने स्तर भी बहुत कम है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजी जा रही है। जल्द ही ग्रीष्मकालीन स्कूलों का भी निरीक्षण होगा।