कई उद्योगों ने नालों में ही खोल रखी है उद्योग की सीवरेज
रात के अंधेरे में उद्योग गिराते हैं कचरा और केमिकल वेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक शहर परवाणू में बह रहे तीन प्रमुख नालों में उद्योगों का कचरा गिराया जा रहा है। इन प्रमुख नालों में सेक्टर-5 का सुखना नाला, सेक्टर-3 व 6 शामिल हैं। इन नालों के आसपास ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां लगीं हुई हैं। इनमें से कुछ इकाइयां उद्योगों से निकलने वाले कचरे और केमिकल वेस्ट को नालों में डाल देती हैं। साथ ही कुछ उद्योगों की सीवर भी इन नालों में ही डाली जा रही है। वहीं हाल ही परवाणू में फेल हुए पानी के सैंपलों में भी कॉलिफार्म बैक्टीरिया मिलता था जो सीवर मिले पानी में होता है।
परवाणू के सेक्टर-5 में सुखना नाला बहता है। इसके किनारे सेक्टर-5 के उद्योग लगे हुए हैं। यह नाला टकसाल गांव से बहता हुआ आता हैं और कालका के नाले से मिलता है। इस नाले में अक्सर उद्योगों का कचरा गिरा हुआ मिलता है। जिसके चलते एनजीटी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कई बार स्थानीय परवाणू उद्योग संघ व सामाजिक संस्थाओं के साथ मिल कर इसकी सफाई का अभियान भी चलाया है। परवाणू का दूसरा प्रमुख नाला सेक्टर-3 का नाला है। यह नाला भी कौशल्या खड्ड में जा मिलता है। इस नाले में रात में मौका देख कर उद्योग अपना वेस्ट मेटीरियल व कचरा फेंक जाते हैं। परवाणू का तीसरा नाला सेक्टर-6 से सेब मंडी से होता हुआ कौशल्या खड्ड में मिलता है। इस नाले के किनारे भी उद्योग लगे हुए हैं और यह नाला भी औद्योगिक कचरे से भरा रहता है।
परवाणू प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता अनिल रॉ ने बताया कि जल्द ही सेक्टर-3 व सेक्टर-6 के नाले का निरीक्षण किया जाएगा। अगर कोई उद्योग नाले में गंदगी फेंकता हुआ पकड़ा जाता है तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।