सोलन। किसान भारत बंद का जिले भर में मिला-जुला असर रहा। हालांकि किसानों ने कृषि कानूनों समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकालकर उपायुक्त के माध्यम से सरकार को मांग पत्र भेजा।
जिला मुख्यालय सोलन, परवाणू, कुनिहार, नालागढ़ और बद्दी में भी किसान नेताओं ने प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय के पूरे बाजार खुले रहे जबकि नालागढ़ में सुबह के समय बाजार बंद रहे। दोपहर बाद सभी कारोबारियों ने दुकानें खोल दी थी। वहीं जिला में प्रदेश सीमा तक ही बसें चलीं। बीबीएन के साथ पंजाब और हरियाणा सीमा पर सभी ट्रक खड़े रहे।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय में सुबह भारत बंद के आवाहन पर विश्राम गृह सोलन से उपायुक्त कार्यालय तक किसानों ने रैली निकालकर बंद का समर्थन किया। संयुक्त किसान मोर्चा में चार विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसान व सदस्यों ने हिस्सा लिया। सोलन के किसानों ने केंद्र सरकार और कृषि-बागवानी मंत्री की खिलाफ नारे लगाए।
तीनों कृषि कानून को तुरंत रद्द करने के लिए कहा। संयुक्त किसान मोर्चा सोलन के सह संयोजक नीतीश ठाकुर ने कहा कि किसानों की उन्नति बिना फसलों के एमएसपी पर बने कानून के बिना मुमकिन नहीं है। सोलन के किसानों के साथ हिमाचल सरकार ने झूठे वादे ही किए और जुमलेबाजी की किसानों को मिली है। वहीं ग्रामीण संघर्ष समिति के सचिव मनोज वर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार किसानों को छलने का काम ही किया है।
टमाटर-सब्जियों के उचित दाम सोलन के किसानों-बागवानों को मिल सकते हैं लेकिन ये मौजूदा सरकार सालो साल से किसानों को टमाटर सब्जी प्रोसेसिंग यूनिट पर सिर्फ गुमराह कर वोट बटोर कर सत्ता पर काबिज हो जाती हैं। किसानों को टमाटर सब्जियों से लाभकारी दाम से हमेशा महरूम रहना पड़ता है। संयुक्त किसान मोर्चा सोलन की रैली में कंडाघाट सोलन व धर्मपुर ब्लॉक से सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
इस मौके पर देवेंद्र, विकास ठाकुर, नीतीश ठाकुर, अनोखी राम वर्मा, मोहित, प्यारे लाल वर्मा, अशोक वर्मा, जोगिंदर, अमन, अनिल, सुरेश, तारा दत्त आशीष, कली राम हरबंस, मदन, नरेंद्र आदि सैकड़ों किसान शामिल रहे।