संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में लंपी रोग के मामले कम होना शुरू हो गए हैं। संक्रमित पशुओं के रिकवरी रेट भी 60 फीसदी तक पहुंच गया है। लंपी से सुरक्षा के लिए अब पशुपालन विभाग संरक्षित पशुओं का भी इलाज करेगा।
इसके लिए विभाग ने सभी पंचायतों को ऐसे पशुओं की जानकारी देने की अपील कि है जो लंपी से ग्रसित हैं। जिले में अभी तक लंपी से 300 पशुओं की मौत हो चुकी है जबकि 7,000 पशु संक्रमित हो चुके हैं। अब जिले में 3,249 लंपी के एक्टिव मामले हैं जबकि 3,751 पशु ठीक हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में 15 जुलाई को लंपी रोग का पहला मामला धर्मपुर के टीक्करी, काबा में आया था। इसके बाद धीरे-धीरे यह रोग क्षेत्र में फैलता गया। विभाग ने तुरंत टीमें गठित कर पशुओं का इलाज भी शुरू कर दिया। जिले में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध करवाईं और रोग निरोधक टीके लगाए जा रहे हैं। अभी तक विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में 42 शिविर लगाए हैं।
उधर, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. बीबी गुप्ता ने पशुपालकों से अपील की है कि लंपी से घबराए नहीं। यदि उनके क्षेत्र में संरक्षित पशुओं में लंपी के लक्षण दिखाई दें तो सूचना विभाग को दें। उन्होंने कहा लंपी से मृत पशुओं को गहरे गड्ढे में चूने के साथ दबाएं और इसकी सूचना वेटरनरी या डॉक्टर को दें।