धर्मपुर(सोलन)। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर कोटी टनल के समीप चट्टान सड़क के बीचोंबीच गिर गई। गनीमत रही कि कोई वाहन इसकी चपेट में नहीं आया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
चट्टान को सड़क से हटाने के लिए हाइड्रा और ड्रिल मशीनें लगाई गई। करीब चार घंटे बाद सड़क से चट्टान को तोड़कर हटाया गया। इस दौरान वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया।
वहीं रविवार देर रात बारिश के बीच कई जगहों पर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा सड़क पर गिराता रहा। इस कारण देर रात दत्यार से कोटी के बीच भूस्खलन ने वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लगी। पुलिस और फोरलेन कंपनी की टीमों ने करीब दो घंटे बाद इसे सुचारु किया।
जानकारी के अनुसार हाईवे पर सोमवार तड़के अचानक पहाड़ से एक बड़ी चट्टान सड़क पर गिर गई। जिस समय चट्टान गिरी, हाईवे पर कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने फोरलेन निर्माता कंपनी को हाईवे सुचारु करने के निर्देश दिए। इसके बाद फोरलेन कंपनी की टीमों ने सड़क को सुचारु करने का कार्य शुरू किया।
वहीं बीते दो दिन हुई लगातार बारिश से सनवारा, रेल ओवरब्रिज, जाबली, दत्यार आदि जगहों पर सड़क पर पत्थर गिरे। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। इससे पहले भी कालका-शिमला एनएच पर फोरलेन की कटिंग के बाद पहाड़ कच्चे हो चुके हैं। बरसातों में भी कई बार पहाड़ी दरक चुकी है।
उधर, फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बलविंदर सिंह ने बताया कि दत्यार और कोटी के बीच एक बड़ा पत्थर सड़क पर आ गिरा। इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। टीम को पत्थर हटाने के निर्देश दे दिए हैं। सुरक्षा के लिए हाईवे पर दत्यार से कोटी के बीच सड़क को वनवे किया गया है।
बारिश के बीच चार टीमें मौके पर तैनात
बारिश के बीच फोरलेन निर्माता कंपनी ने चार टीमों को हाईवे का जिम्मा सौंपा था। सोलन से परवाणू के बीच हर 10 किलोमीटर पर टीम को लगाया था। ये टीमें बारिश से आए मलबे को हटाने के लिए लगी रहीं।