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बीबीएन में खाद संकट, बारिश के बाद बढ़ी मारामारी

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नालागढ़ में खाद लेने के लाईन में लगे किसान। संवाद - फोटो : SOLAN
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बद्दी (सोलन)। बारिश के बाद गेहूं की फसल के लिए रासायनिक खाद की जरूरत है लेकिन बीबीएन में इसकी कमी बनी हुई है। जैसे ही खाद का ट्रक आता है, पलक झपकते ही बिक जाता है और उतने ही किसान कतार में होते हैं।
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सभी को खाद अपने खेतों में डालनी है लेकिन अपर्याप्त स्टॉक होने से किसान परेशान हो रहे हैं। इफको और हिमफेड संचालकों का कहना है कि पीछे से सप्लाई कम आ रही है जिसके चलते किसानों को समय पर खाद नहीं पहुंच पाई है।
उधर, इफको के सोलन और सिरमौर प्रभारी हरजीत सिंह ने बताया कि उनकी सप्लाई बरेली से जल्द ही आनी है जिसके बाद खाद की कोई कमी नहीं रहेगी। हिमफेड के बीबीएन प्रभारी बलविंद्र सिंह ने बताया कि उनकी खाद नंगल से आती है। उन्होंने 400 टन का ऑर्डर दिया है लेकिन अभी 100 टन ही पहुंची है।
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आठ सौ टन का कम स्टॉक बनी कमी का कारण
बीबीएन में इफको ने 1200 मीट्रिक टन रासायनिक खाद सप्लाई होती है। इफको कोऑपरेटिव सोसायटी से खाद किसानों तक पहुंचाता है। अभी तक 700 टन ही खाद बीबीएन में पहुंची है। वहीं हिमफेड चार सौ मीट्रिक टन खाद बीबीएन में किसानों को बांटता है लेकिन अभी तक वह 100 टन ही पहुंचा पाया है।
आठ सौ टन के अंतर से किल्लत बनी हुई है। जैसे ही इफको और हिमफेड का ट्रक सोसायटी में पहुंचता है, ट्रक को खाली करने के बजाय किसान ट्रक से ही खाद ले लेते हैं।
साई के किसान सुनील, रडियाली के दर्शन सिंह, ढांग निचली के रामलाल, सरौर के श्याम लाल, रतवाड़ी के चरण सिंह, सरौर के किशान लाल, खेड़ा के जीत राम, लड़कोट से रामप्रताप, पोले दा खाले से मान सिंह, सतीश कुमार, आदुवाल से जयपाल ने बताया कि खाद न मिलने से गेहूं पीली पड़ गई है।
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कोऑपरेटिव सोसायटियों में जैसे ही खाद आती है तो वहां बंदर बांट हो रही है। किसानों को दिन भर लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है।
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