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लवीघाट में छत तोड़कर मकान में घुसी चट्टान

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सोलन के लवीघाट में मकान की छत्त तोड़ कर अंदर गिरी चट्टान। संवाद - फोटो : SOLAN
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। सोलन-सुबाथू सड़क पर लवीघाट में पहाड़ से एक चट्टान छत तोड़कर मकान के अंदर घुस गई। इससे घटना से भवन की दो मंजिल क्षतिग्रस्त हुई है जबकि घर के भीतर व छत पर पड़ी पानी की टंकियों को नुकसान हुआ है। सूचना मिलने के बाद उपमंडलाधिकारी अजय कुमार यादव ने मौके का जायजा लिया और लोगों को रहने की व्यवस्था की है।
गनीमत यह रही कि जब पहाड़ से चट्टान मकान पर गिरी उस समय ऊपरी मंजिल में कोई नहीं था। इससे बड़ा हादसा होने से भी टला लेकिन मकान को करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जिस पहाड़ से चट्टान गिरी है, वहां काफी समय पहले माइनिंग का कार्य होता था।
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जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत डांगरी के लवीघाट में शुक्रवार देर रात अचनाक पहाड़ से एक चट्टान टूटकर मकान पर आ गिरी। जिस समय यह चट्टान टूटकर छत पर गिरी उस समय मकान मालिक धरातल मंजिल में सोये हुए थे।
अचानक मकान में जोरदार आवाज आने पर मकान मालिक घर से बाहर आए तो देखा की पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। उन्होंने छत पर देखा कि एक पत्थर छत तोड़कर अंदर चला गया। इससे दो छतों के अलावा घर के भीतर दीवार भी टूट गई।
इसकी सूचना पंचायत उपप्रधान को दी गई और वह तुरंत मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि जिस मंजिल में पत्थर गिरा है, वहां किराएदार रहते थे। शुक्रवार को मकान में किराएदार नहीं थे। वहीं शनिवार सुबह उपमंडलाधिकारी सोलन ने मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है स्टोन क्रशर होने के कारण पहाड़ पूरी तरह खोखला हो गया है। इस कारण यहां कई बार पहाड़ियों से पत्थर गिर चुके हैं और लोगों को नुकसान हो रहा है। उधर, डांगरी पंचायत के उपप्रधान मदन ठाकुर का कहना है कि माइनिंग से पहाड़ पूरी तरह से खोखला हो गया है। पहाड़ से पत्थर कब गिर जाए कोई पता नहीं। डेढ़ वर्ष पहले भी घटना हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को सभी बातें बताई गई हैं। जल्द उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। उपमंडलाधिकारी अजय कुमार यादव ने बताया कि मौके का मुआयना कर उचित कदम उठाने के आदेश दिए हैं। पहले भी घटना हो चुकी है और पहाड़ पर काफी पत्थर अटके हुए हैं। इन्हें इस तरह गिराने के लिए कहा गया है जिससे कोई हादसा न हो।
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प्रशासन ने दी फौरी राहत
जिला प्रशासन ने मौके का मुआयना कर मकान मालिक को 25 हजार रुपये की फौरी राहत दी है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर पंचायत ने यह व्यवस्था की है।
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