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सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण: घर की कितनी कमाई, कितना कर्ज, परिवारों से पूछेगी सरकार

Mon, 05 Oct 2026 09:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश में अक्तूबर के दौरान केंद्र सरकार का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) बड़े स्तर पर सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण अभियान चलाएगा। इस दौरान परिवारों की आय, रोजगार, प्रवास, कृषि, कर्ज, निवेश और उपभोक्ता खर्च से लेकर असंगठित क्षेत्र के कारोबार तक की जानकारी जुटाई जाएगी।
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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय। - फोटो : मंत्रालय
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में अक्तूबर के दौरान केंद्र सरकार का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) बड़े स्तर पर सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण अभियान चलाएगा। इस दौरान परिवारों की आय, रोजगार, प्रवास, कृषि, कर्ज, निवेश और उपभोक्ता खर्च से लेकर असंगठित क्षेत्र के कारोबार तक की जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वेक्षण के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के चयनित परिवारों और प्रतिष्ठानों से संपर्क किया जाएगा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत संचालित एनएसओ के इन सर्वेक्षणों से जुटाए गए आंकड़े केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के निर्धारण में उपयोग किए जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण वैज्ञानिक पद्धति से होगा और परिवारों व प्रतिष्ठानों से प्राप्त जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा।

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अक्तूबर 2026 में प्रदेश में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस), राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (एनएचआईएस), प्रवास सर्वेक्षण (एमपीएस), अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (एआईडीआईएस), कृषि परिवारों की स्थिति आकलन सर्वेक्षण (एसएएस), असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएसई) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) समेत कई सर्वेक्षणों का क्षेत्रीय कार्य किया जाएगा। राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण के लिए राजगढ़ क्षेत्र के खनियुर नरमेला, किन्नौर के निगुलसरी और सुन्नी शहरी क्षेत्र चुने गए हैं। प्रवास सर्वेक्षण में नौहराधार के तनदियोरा, निगुलसरी, सोलन और शिमला शहरी क्षेत्र के परिवार शामिल होंगे। अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण शिमला शहरी क्षेत्र में होगा।
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कृषि परिवारों की स्थिति आकलन के लिए किन्नौर के यांगपा, रोहड़ू के कंडा और पांवटा साहिब के मिश्रवाला गांव चुने गए हैं। वहीं असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों के सर्वेक्षण में सुन्नी, दाड़लाघाट, बद्दी, कुमारसैन, पांवटा साहिब, पच्छाद, किन्नौर और शिमला शहरी क्षेत्र के चयनित गांवों और प्रतिष्ठानों से जानकारी ली जाएगी। रोजगार और श्रम बाजार से जुड़ा ब्योरा सोलन, पच्छाद, सुन्नी, बद्दी, पांवटा साहिब और जुब्बल शहरी क्षेत्रों में जुटाया जाएगा। कृषि सर्वेक्षण के तहत शिमला, सोलन और सिरमौर में फसल कटाई प्रयोगों का निरीक्षण होगा। वहीं सीपीआई के लिए काजा, किलबा, रामपुर, शिमला, गढ़खल, बठेद, नालागढ़ और पांवटा साहिब में नियमित मूल्य संग्रह किया जाएगा। बद्दी शहरी क्षेत्र में नगरीय ढांचा सर्वेक्षण भी प्रस्तावित है।
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