नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर की सभी पंचायतों में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए पांच-पांच महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि ग्राम स्तर पर महिलाएं पीने के पानी को जांचने योग्य बन सकें। इसके लिए महिलाओं को उपकरण इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नाहन में सोमवार को जलजीवन मिशन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक करते हुए उपायुक्त रामकुमार गौतम ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक जिला की 4895 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। जलजीवन मिशन में 92.08 प्रतिशत परिवारों को स्वच्छ पीने के पानी का कनेक्शन उपलब्ध करवाया गया है। इसके तहत सभी खंडों में 1,21,248 परिवारों में से अब तक 1,11,641 परिवारों को पीने के पानी का कनेक्शन उपलब्ध करवाया गया है। जबकि, शेष परिवारों को भी जल्द पानी का कनेक्शन उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
उपायुक्त नेे विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह शत प्रतिशत परिवारों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए और अधिक क्षमता से कार्य करें। उपायुक्त ने बताया कि जलजीवन मिशन के अंतर्गत जिला सिरमौर के शत-प्रतिशत स्कूलों में पानी का कनेक्शन उपलब्ध करवाया गया है। जल्द ही शत प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पानी का कनेक्शन उपलब्ध करवा दिया जाएगा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी के कनेक्शन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त सिरमौर ने विभाग को बरसात के दौरान पेयजल की अधिक से अधिक बार जांच करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को स्वच्छ पीने का जल उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात के दौरान सप्ताह में दो बार पानी की जांच आवश्यक करवाएं। उन्होंने सभी पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि जलजीवन मिशन के अंतर्गत सभी पंचायतें अपने गांव में पेयजल गुणवत्ता की जांच करेंगी और जांच रिपोर्ट को जल जीवन मिशन की साइट पर अपलोड भी करेंगे।
उपायुक्त ने बताया कि जिला सिरमौर के अंतर्गत नाहन में जल शक्ति केंद्र खोला गया है, जिसके अंतर्गत पानी की गुणवत्ता की जांच, उसके संरक्षण, पानी को बचाने, शुद्ध करने के तरीकों, बावड़ियों के शुद्धिकरण और पानी से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां इस केंद्र में उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता विशाल जसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।