नाहन (सिरमौर)। सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को अभी तक स्कूल से वर्दी नहीं मिल पाई है। हालांकि विभाग के पास वर्दी का स्टॉक पहुंच गया है। इसके बावजूद अभी तक निदेशालय को भेजे सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिल पाई है।
ऐसे में जब तक सैंपल की रिपोर्ट नहीं आती विद्यार्थियों को पुरानी वर्दी में ही स्कूल आना होगा। जिले के सरकारी स्कूलों में गत सत्र के आंकड़ों के मुताबिक 90 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पहली से जमा दो कक्षा तक शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। इस दौरान बच्चों को वर्दी नहीं मिल पाई थी।
बच्चों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि नए सत्र से बच्चों को नई वर्दी मिल जाएगी। अब सैंपल पर पेंच अड़ गया है। वर्दी की इंतजार में काफी लंबा वक्त गुजर चुका है। वर्दी के चक्कर में अभिभावक न तो स्वयं वर्दी खरीद पा रहे हैं और न ही स्कूलों में बच्चों को वर्दी मिल पाई है। गौरतलब है कि सिरमौर जिला में 14 शिक्षा खंडों में बच्चों के वर्दी का स्टॉक पहले ही पहुंच गया है।
मार्च माह में वर्दी के सैंपल निदेशालय भेजे गए हैं। हैरानी की बात है कि अभी तक सैंपल की रिपोर्ट जारी नहीं हो पाई है। ऐसे में बच्चे पुरानी वर्दी में स्कूल आने के लिए मजबूर हैं। कई बच्चों के पास तो वर्दी है ही नहीं, जबकि कई बच्चों की वर्दी छोटी हो गई है या फट चुकी है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को वर्ष में दो वर्दियां निशुल्क उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है। इसके लिए बाकायदा सिलाई का खर्चा भी छात्रों के खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा सिरमौर कर्मचंद धीमान ने बताया कि जिला के स्कूलों में वर्दी का स्टॉक आ गया है। इसे शिक्षा खंडों के प्रमुखों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्दी के सैंपल निदेशालय को मार्च महीने में भेजे हैं। यदि रिपोर्ट सही आती है तो विभाग निदेशालय के दिशा निर्देशानुसार बच्चों को वर्दी का वितरण कर देगा।