हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर बर्फबारी के बीच फंसी निजी बस।
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हरिपुरधार (सिरमौर)। संगड़ाह उपमंडल के हरिपुरधार में इस वर्ष का पहला और सीजन का दूसरा हिमपात हुआ। दियुडी और खड़ाह में जहां 8 इंच ताजा हिमपात हुआ, वहीं मां भंगायनी मंदिर के आसपास पांच इंच और हरिपुरधार एक इंच ताजा बर्फ गिरी।
सिरमौर की ऊंची चोटी चूड़धार में दो दिन में लगभग ढाई फीट बर्फ गिरी। भारी बर्फबारी के कारण वहां पर विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। चूड़धार में स्वामी कमलानंद अकेले रह रहे हैं।
वहां पर पानी की सभी लाइनें एक महीने पहले ही जाम हो चुकी हैं। जहां बर्फ को पिघलाकर पानी खाना बनाने और पीने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। खड़ाह क्षेत्र में आठ इंच से अधिक बर्फ जमने के कारण हरिपुरधार-कुपवी मार्ग पर करीब 17 घंटे तक यातायात ठप रहा। बर्फ पर स्किड होने के कारण खड़ाह के समीप तीन निजी बसें लगभग पांच घंटे तक फंसी रहीं। खराब मौसम के बावजूद दर्जनों यात्रियों को बर्फ के बीच पैदल चलकर हरिपुरधार आना पड़ा। सुबह करीब 10 बजे लोक निर्माण विभाग की एक जेसीबी मशीन बर्फ हटाने के लिए मौके पर पहुंची। दोपहर बाद करीब साढ़े 12 बजे बर्फ के बीच फंसी तीनों बसों को निकाल कर इस मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। बर्फबारी के चलते क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में करीब पांच घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। इस कारण क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई रूटों पर नहीं पहुंची बसें
खराब मौसम के चलते बुधवार को कई रूटों पर सरकारी बसें नहीं पहुंच पाईं। नाहन से बढ़ोल रूट पर चलने वाली बस अंधेरी से ही वापस चली गई। इस कारण हरिपुरधार और बढ़ोल जाने वाले यात्रियों को टैक्सी लेकर अपने घर पहुंचना पड़ा। सुबह बस न मिलने के कारण बढ़ोल, कोरग और बियोंग से दर्जनों लोगों को पैदल चलकर ही हरिपुरधार आना पड़ा। पांवटा-डिमाइना रूट पर चलने वाली बस भी जरवा से ही लौट गई।