teachers must try to save the students from drugs-said risip
नाहन (सिरमौर)। एक युवा के विकास में अध्यापक का बहुत बड़ा योगदान होता है। इसलिए युवाओं को नशे की गर्त में जाने से रोकने के लिए शिक्षकों को आगे आना होगा। यह बात जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नाहन में प्रधानाचार्य ऋषिपाल शर्मा ने शनिवार से नशे के दुष्प्रभाव विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर की।
इस कार्यशाला में जिला सिरमौर के 14 शिक्षा खंडों के 22 शारीरिक शिक्षक भाग ले रहे हैं। प्रधानाचार्य ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के किशोरों को नशे की लत से बचाना है। इस कार्यशाला में भाग लेने वाले शारीरिक शिक्षक खंड व कलस्टर स्तर पर अन्य शिक्षकों व विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव की जानकारी देेंगे।
उन्होंने बताया कि आज के समय में युवा वर्ग नशे की ओर अग्रसर हो रहा है। इसमें अधिकतर युवा स्कूलों में पढ़ने वाला है। इन युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए शिक्षकों को आगे आना होगा।
उन्होंने बताया कि नशे की लत में आने वाले युवा आगे चलकर कई परेशानियां झेलते हैं, इसलिए उन्हें नशे के दुष्प्रभाव बताने होंगे। युवाओं को खेल गतिविधियों में शामिल करना होगा, जिससे उनका ध्यान नशे की ओर न जाए। कार्यशाला समन्वयक हिमांशु भारद्वाज, डॉ. शैली गोपाल ने शिक्षकों को नशे में प्रयोग किए जाने वाले ड्रग्स व और उनके दुष्प्रभाव बताए।