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Sirmour News: बिना अनुमति के काटा जा रहा पहाड़, विरोध पर अधिकारी बना रहे दबाव

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नाहन में पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के प्रेस सचिव योगेश
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-रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने पत्रकारवार्ता में उठाई सरकार से आवाज
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संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने रेणुका बांध प्रबंधन पर पर्यावरण मंजूरी के बिना ही पेड़ों की गिनती करवाने का आरोप लगाया है। नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में समिति के प्रेस सचिव योगेश ठाकुर, कोषाध्यक्ष कमल ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर यहां एचपीपीसीएल व वन विभाग काम कर रहा है।
उन्होंने आरोप है कि सोमवार को बांध प्रबंधन ने पदाधिकारियों को वार्ता के लिए कार्यालय बुलाया था। जब पदाधिकारी वहां पहुंचे तो पता चला कि वन विभाग की ओर से दोबारा पेड़ों की गिनती की जा रही है। विस्थापितों का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि परियोजना प्रबंधन के पास अभी पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर सुरंग बनाई जा रही है वहां पेड़ों की गिनती चल रही है, लेकिन जब इस बारे में पूछताछ की गई तो विभाग कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने संदेह जताया कि पेड़ों की कम संख्या दर्शाकर अनुमति ली जा सकती है।
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उन्होंने बताया कि मंगलवार को एचपीपीसीएल के पदाधिकारी डीएफओ नाहन कार्यालय में पहुंचे। पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि जब अधिकारियों से इस बारे में जानकारी लेनी चाही तो उनके साथ बदतमीजी से बात की गई। उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रख डंपिंग गिरि नदी में की गई है।
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उन्होंने प्रदेश सरकार और सिरमौर के प्रभावशाली नेताओं से विस्थापितों की आवाज उठाने व नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठाई है। उन्होंने विभाग को चेतावनी दी है कि इस मामले को अदालत के समक्ष उठाया जाएगा।
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