नाहन (सिरमौर)। सैनधार क्षेत्र का आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पराड़ा एक फार्मासिस्ट के सहारे चल रहा है। यहां पर स्वीकृत चिकित्सक का पद बीते पांच वर्षों से रिक्त चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा एक फार्मासिस्ट के कंधों पर आ गया है। यदि आपातकाल में फार्मासिस्ट को अवकाश पर जाना पड़ जाए तो स्वास्थ्य केंद्र में केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही रह जाता है और इलाके के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाती।
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पराड़ा में भेनू, चकनाल, घील कंगाह, पनियाली, खान्यो, काबा, बेचड़ का बाग सहित साथ लगती पंचायत नेहर स्वार के हजारों लोग अपना उपचार करवाने और दवाइयों के लिए आते हैं। उन्हें यहां आकर निराशा ही हाथ लगती है। हालांकि केंद्र में तैनात फार्मासिस्ट नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं लेकिन लोगों का कहना है कि यदि चिकित्सक यहां पर तैनात हो तो उन्हें और लाभ होगा।
स्थानीय निवासी अर्जुन अत्रि, नरेश ठाकुर, विजय ठाकुर, बलबीर सिंह, राजेश कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक नहीं है। ऐसे में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा है कि फार्मासिस्ट यहां सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनके छुट्टी पर होने से लोगों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पराड़ा में चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। इसको लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र में चिकित्सक की तैनाती होगी। फिलहाल वहां पर फार्मासिस्ट नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं।