-दो दिनों से स्थानीय कांग्रेसी नगर परिषद पर काबिज होने की उम्मीद को लेकर करती रही बैठकें
-गठजोड़ में माहिर भाजपा ने अपने चार पार्षदों के साथ चार निर्दलीय पार्षदों को अपने पाले में खींचा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। डेढ़ दशक से नगर परिषद पर काबिज भाजपा को इस बार जनता ने स्पष्ट बहुमत नहीं दिया। कांग्रेस व भाजपा के 4-4 पार्षद ही जीत दर्ज कर सके। ऐसे में निर्दलीय 5 पार्षदों के हाथ में ही सता की चाबी रही। कांग्रेस इस बार सता पर काबिज होने के दावे करती रही। दो दिनों तक इसके लिए रणनीति व बैठकों का दौर भी चलता रहा। वहीं, भाजपा ने ज्यादा समय नहीं गंवाते हुए चार निर्दलीय पार्षदों को साधते हुए फिर से नगर परिषद पर कब्जा करने में सफलता प्राप्त कर ली है। गठजोड़ करने में सुस्त रणनीति के चलते कांग्रेस के एक बार फिर से स्थानीय कांग्रेस के नगर परिषद की सता पर काबिज होने के सपने अब सपने ही रह गए।
बता दें कि पांवटा नगर परिषद में पिछले डेढ़ दशकों से सता भाजपा के हाथ रही है। इस बार पांवटा साहिब की जनता ने भाजपा को सता से दूर रखने का बहुमत दिया। 5 निर्दलीय पार्षद जीत कर नगर परिषद पहुंचे हैं। ऐसे में इस बार स्थानीय कांग्रेस को सता पर काबिज होने की उम्मीद जग गई थी, लेकिन गठजोड़ के लिए सुस्त रणनीति व आपसी बेहतर सामंजस्य नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि कुछ निर्दलीय पार्षद दो दिनों तक इंतजार भी करते रहे। इसके बाद भाजपा के स्थानीय नेताओं ने इनसे संपर्क साध कर अपने पाले में खींच लिया।
भाजपा के पास नगर परिषद एक से पूर्व नगर परिषद अध्यक्षा व पार्षद निर्मल कौर, वार्ड-दो से आशा देवी, वार्ड 3 से राजरानी व वार्ड-5 से सर्वशक्ति भटनागर के रूप में पार्षद जीत कर आई है। अब गठजोड़ कर भाजपा ने शहर के वार्ड-9 से जीत कर आए निर्दलीय पार्षदों इंद्रजीत सिंह मिक्का, वार्ड-10 के पार्षद मयंक चौहान, वार्ड-12 से ममता सैनी व वार्ड 13 के निर्दलीय पार्षद कुलदीप चौधरी को अपने पाले में खींच लिया है। इंद्रजीत सिंह मिक्का को नगर परिषद का उपाध्यक्ष बनाया जा रहा है।
इस तरह नगर परिषद बनाने का दावा करने वाले कांग्रेस की उम्मीदों पर एक बार फिर से तुषारपात हुआ है। एक बार फिर से पूर्व नगर परिषद अध्यक्षा निर्मल कौर के नेतृत्व में भाजपा की नगर परिषद बननेे जा रही है।
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