राजगढ़ (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिए जाने के मामले में केंद्रीय हाटी समिति ने गिरिपार क्षेत्र की सभी 144 पंचायतों में हाटी खुंबलियों (बैठकों) का आयोजन 25 दिसंबर को करने का निर्णय लिया है। गिरिपार क्षेत्र के साथ-साथ नाहन, सोलन, शिमला और चंडीगढ़ की इकाईयों में भी ऐसा आयोजन किया जाएगा। इसका कार्यक्रम केंद्रीय हाटी समिति ने जारी करके सभी पदाधिकारियों से उचित प्रबंध करने का आग्रह किया है।
केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष डॉ. अमीचंद कमल और महासचिव कुंदन शास्त्री ने बताया कि गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र एवं हाटी समुदाय को जनजाति घोषित किए जाने का मामला पांच दशकों से लंबित पड़ा हुआ है। हाल ही में इस मामले में आरजीआई की आपत्तियों का प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव (जनजातीय विकास विभाग) ने शोध करवाने के पश्चात बहुत तार्किक उत्तर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा है, जिससे इस मामले के सिरे चढ़ने की उम्मीद करीब पौने तीन लाख लोगों में जगी है।
इसी क्रम में 25 दिसंबर को गिरिपार क्षेत्र की सभी 144 पंचायतों में पंचायत स्तर पर हाटी खुंबलियों के आयोजन का निर्णय लिया गया है। पंचायत हाटी समिति के पदाधिकारी पंचायत में हाटी खुंबली करने का प्रबंध करेंगे और उसमें पंचायत प्रधान एवं अन्य सदस्य, युवक मंडल और महिला मंडल के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इन खुंबलियों में हाटी समुदाय को जनजाति एवं गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित किए जाने के प्रस्ताव पारित करके प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे।
डॉ. अमीचंद कमल ने बताया कि भाजपा ने इस मुद्दे को अपने चुनावी घोषणा पत्र में कई वर्षों से रखा हुआ है और अब जबकि इस मामले की सभी आपत्तियों को दूर कर दिया गया है तो केंद्र की भाजपा सरकार को हिमाचल विधानसभा चुनाव से पूर्व इसे पूरा करके वादा निभाना चाहिए।
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