नाहन (सिरमौर)। जिले में छह माह से दस वर्ष तक के करीब 50,000 बच्चों को अनीमिया से बचाव के लिए आयरन की गोली और सिरप पिलाई जाएगी। बच्चों में अनीमिया के साथ-साथ अन्य बीमारियों की भी जांच की जाएगी।
जानकारी के अनुसार सिरमौर जिले में एक से 30 जून तक अनीमिया मुक्त अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान छह माह से 4 वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप पिलाई जाएगी। इसके अलावा पांच से दस वर्ष के बच्चों को आयरन फोलिक एसिड की गोली खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अभियान में जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों में राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम (आरबीएसके) की 12 टीमों की तैनाती की गई है। इन टीमों में आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और एएनएम शामिल होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी इनका सहयोग करेंगी। सभी स्वास्थ्य खंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी अभियान के दौरान गतिविधियों पर नजर रखेंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम दवाई और सिरप पिलाने के साथ बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेगी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निसार अहमद ने बताया कि एक से 30 जून तक सिरमौर जिले में अनीमिया मुक्त भारत अभियान चलाया जाएगा। इसमें छह माह से 10 वर्ष के बच्चों को आयरन सिरप और आयरन फोलिक एसिड की गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा बच्चों में अनीमिया की जांच भी की जाएगी। विभाग ने इसके लिए तैयारियां कर ली हैं।
ऐसे लक्षणों पर रहेगी टीम की नजर
अनीमिया का निदान रक्त में हीमोग्लोबिन (एचबी) के स्तर की जांच से किया जाता है। इसके अलावा कुछ संकेत और लक्षण हैं, जो अनीमिया की पहचान करने में सहायता कर सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से पलक या निचली पलक के अंदर पीलापन, जीभ में सूजन, होठों के किनारों पर दरार, चक्कर आना, थकान, काम में मन न लगना और ऊर्जा की कमी, दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज होना, व्यायाम के दौरान सांसों का तेज चलना, लगातार सिरदर्द, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, पैर में ऐंठन, संक्रमण और लगातार बीमार पड़ना आदि शामिल हैं।