पूर्व सैनिक कर्म सिंह चौहान बोले, जो कुछ भी हूं इसी स्कूल की बदौलत
संवाद न्यूज एजेंसी
सतौन (सिरमौर)। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कर्म सिंह चौहान ने राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला शिल्ला का प्रांगण अपने पैसे से पक्का करवाया है। प्रांगण के पक्का होने से स्कूल के बच्चों के चोटिल होने का खतरा टला है और उनके कपड़े भी गंदे होने से बच गए हैं। यही नहीं स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे 70 बच्चों को बाहर धूप में बैठकर पढ़ने की भी सुविधा मिल गई है।
स्कूल के प्रभारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि स्कूल प्रांगण की दशा बहुत दयनीय थी। रोजाना धूल-मिट्टी से स्कूल के बच्चों के कपड़े खराब हो जाते थे। स्कूल का प्रांगण बहुत ज्यादा उबड़ खाबड़ था। इससे बच्चों के गिरने का खतरा भी बना रहता था। एक-दो बच्चे तो गिर भी गए थे, गनीमत रही कि कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कर्म सिंह ने हाल ही में स्कूल के प्रांगण को पक्का करवाने की बात कही थी। इस बात को पूरा करते हुए उन्होंने स्कूल प्रांगण को पक्का करवा दिया है। इसके पक्का होने से जहां सुविधा मिली, वहीं स्कूल की सुंदरता को भी चार चांद लग गए हैं।
पूर्व सैनिक कर्म सिंह ने कहा कि वह जो कुछ भी आज हैं, इसी स्कूल की बदौलत हैं। उन्होंने खुद इसी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है। उन्होंने बताया कि भविष्य में स्कूल की दूसरी जरूरतों को भी वह पूरा करने की कोशिश करेंगे।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह और स्कूल प्रभारी ओम प्रकाश शर्मा ने इस कार्य के लिए पूर्व सैनिक कर्म सिंह का अपनी और स्कूल की ओर से आभार प्रकट किया है।
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राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला शिल्ला में प्रांगण को पक्का करने की प्रक्रिया। स्रोत: फाइल फोटो