नाहन (सिरमौर)। विशेष न्यायाधीश नाहन देविंद्र कुमार की अदालत ने नाबालिग से दुुराचार करने के आरोपी पिंकु उर्फ बंटी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को 20 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जिला न्यायवादी भीमा नंद शांडिल ने अदालत में मामले की पैरवी की।
उन्होंने बताया कि संगड़ाह क्षेत्र के एक व्यक्ति ने आठ फरवरी 2018 को थाना संगड़ाह में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी नाबालिग बहन (17) 6 फरवरी 2018 को घर से दोगरी की ओर गई थी लेकिन वह दोगरी में नहीं पहुंची। भाई ने बहन की इधर-उधर तलाश की तो उसका पता नहीं चला। उसी दिन शाम तीन बजे वह अंबोटा में बंटी नाम के एक व्यक्ति के साथ देखी गई। भाई ने जब उसे फोन पर संपर्क किया तो बंटी ने उसकी बहन के बारे में कोई भी जानकारी होने से इंकार किया। बार-बार पूछने पर बंटी ने बताया कि पीड़ित लड़की उसके रिश्तेदार विक्की के साथ चौपाल की तरफ गई है। लिहाजा, पीड़िता के भाई ने बंटी पर शक जताया कि वह उसकी बहन को शादी का झांसा देकर भगा ले गया।
सात फरवरी को बंटी ने अपने मोबाइल से पीड़िता के भाई को फोन किया और पीड़िता से बात करवाई। पीड़िता ने अपने भाई को बताया कि उसे पता नहीं कि वह कहां पर है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तफ्तीश के दौरान नौ फरवरी 2018 को पीड़िता और दोषी बंटी टिंबी के समीप संपर्क मार्ग पर पैदल जाते हुए जाते हुए मिले। इसके बाद पीड़िता को पिता के सुपुर्द किया गया।
मेडिकल जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने पोक्सो एक्ट और भादंसं की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया। जिला न्यायवादी ने मामले की जोरदार पैरवी करते हुए 14 गवाह पेश किए। जुर्म साबित होने पर दोषी बंटी को सात साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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