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नशीली दवाइयां रखने पर महिला को सात साल की जेल, 50 हजार जुर्माना

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नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर डॉ. आबीरा बासु की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी महिला को सात साल का कारावास और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने बताया कि 25 जून 2013 को सिरमौर पुलिस की एसआईयू टीम पांवटा साहिब के विश्वकर्मा चौक पर मौजूद थीं। इस बीच उन्हें गुप्त सूचना मिली कि फरीदा बेगम निवासी सैनवाला (पांवटा) अपने लड़के के साथ मोटरसाइकिल पर उत्तराखंड के विकासनगर से पांवटा साहिब की तरफ आ रही है, जिसके पास नशीले कैप्सूल की खेप भी है। सूचना मिलते ही मुख्य आरक्षी हरिचंद ने डीएसपी पांवटा साहिब को मामले की जानकारी दी। इसके बाद तत्कालीन डीएसपी कुलदीप कुमार और महिला आरक्षी सुमन मौके पर पहुंचे।
इसी दौरान एक स्वतंत्र गवाह मोहम्मद इनाम को भी तफ्तीश में शामिल किया गया। शाम करीब 6:45 बजे फरीदा बेगम अपने लड़के के साथ मोटरसाइकिल पर उत्तराखंड की ओर मौके पर पहुंची, जिसे पुलिस ने रोका। फरीदा बेगम के हाथ में एक बैग था। मोटरसाइकिल उसका नाबालिग लड़का चला रहा था और फरीदा बेगम से तलाशी देने के लिए कहा गया तो वह मान गई। महिला आरक्षी सुमन ने उसके बैग में रखे लिफाफे की तलाशी ली तो उसमें प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल के 27 पत्ते बरामद किए गए, जिसमें 648 नशीले कैप्सूल पाए गए।
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पुलिस ने जब इस बारे में इसका लाइसेंस व परमिट मांगा तो वह कुछ भी पेश नहीं कर पाई। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी। आरोपी महिला का बेटा नाबालिग था और उसने पुलिस को बयान दिया कि उसके बेटे को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया।
पुलिस ने तफ्तीश पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। इसके बाद मुकदमे में 15 गवाह और सबूतों के आधार पर अदालत ने मामले में सुनवाई की, जिसमें महिला को नशीली दवाइयां रखने का दोषी पाया गया। शुक्रवार को अदालत ने दोषी महिला को यह सजा सुनाई।
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