रोहड़ू। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से बुधवार को राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायत करालश में विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न महिला समूहों और अन्य युवक मंडलों के लगभग 160 लोगों ने भाग लिया ।
कार्यक्रम में अवशेषों से केंचुआ खाद बनाने की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र, भारत सरकार की ओर से भेजी गई फसलों और किचन वेस्ट से खाद बनाने की विधि पर भेजी गई वीडियो भी दिखाई गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसलों की उचित जानकारी देना और फसलों के अवशेषों को अपघटित कर उनसे जमीनों की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाना था। आज के बदलते परिवेश में जमीन की जैविक उर्वरक क्षमता साल दर साल कम होती जा रही है जो कि एक चिंता का विषय है। इससे पैदावार कम और फसलों की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ रहा है। रसायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग और जैविक उर्वरकों का कम इस्तेमाल से मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन खराब हो गया है तथा जमीन में नमी भी न के बराबर रह रही है। इसलिए समय रहते हमें जागरूक होने की जरूरत है।
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. वंदना ने रसोई घर की बची हुई सामग्री और फसलों के अवशेषों का किस तरह से इस्तेमाल किया जाए, के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विभिन्न पोषक तत्वों का फसलों में महत्व और जमीन में नमी बनाए रखने की विधि पर भी जानकारी दी। आज इस राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान के विशेष सत्र में ग्राम पंचायत करालश में सफाई अभियान भी चलाया गया जिसमें सभी ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।