संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में टीबी रोगियों की पहचान के लिए अगस्त महीने में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जिले के सभी लोगों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने टीबी मुक्त हिमाचल अभियान के संबंध में जिला निगरानी समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश सहित किन्नौर जिले में भी 31 अगस्त तक टीबी मुक्त हिमाचल अभियान चलाया जा रहा है।
इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर संभावित टीबी के रोगियों का पता लगाकर उनकी जांच करेगी। उन्होंने कहा कि ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को क्रियान्वित कर सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को क्षय रोग से बचाव और लक्षणों के बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी ने बैठक में अवगत करवाया कि स्वास्थ्य विभाग पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करेगा। इन पंचायतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां लोगों में टीबी के लक्षण दिखेंगे। इस कार्य में पंचायत जनप्रतिनिधियों की मदद भी ली जाएगी।
नेगी ने बताया कि जिन व्यक्तियों को दो सप्ताह से ज्यादा खांसी है। शाम के समय बुखार आता हो, खांसते समय बलगम के साथ खून, छाती में दर्द, सांस फूलना, भूख न लगना और वजन कम होना जैसे लक्षण हो, उन्हें टीबी की संभावना हो सकती है। ऐसे लोगों को स्वयं ही समीप के स्वास्थ्य केंद्र जाकर अपनी जांच करवानी चाहिए। इससे ही मरीज का समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।
नेगी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सभी टीबी रोगियों को उपचार अवधि के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत एकमुश्त 750 रुपये सहायता का प्रावधान करता है। इसके साथ ही 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता भी प्रदान की जाती है। बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह ने जिले में क्षय रोग उन्मूलन संबंधी योजना के बारे मेें जानकारी दी। इस मौके पर जिला आयुर्वेद अधिकारी अशोक चंद्र, जिला निगरानी अधिकारी डॉ. कविराज नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देव भगत नेगी, छेरिंग लाल और रमेश भलूनी मौजूद रहे।